एसईसीएल कॉलोनी में पसरा मातम, पड़ोसियों ने पहुंचाया अस्पताल लेकिन डॉक्टरों ने घोषित कर दिया मृत
बिश्रामपुर. 7 माह की गर्भवती पत्नी ने रोज की तरह पति के लिए शनिवार की सुबह टिफिन तैयार किया और उसे ड्यूटी पर भेज दिया। इधर उसने हिटर पर दूध चढ़ा रखी थी। दूध में उबाल आने के बाद उफनने लगा तो वह उसे उतारने लगी। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई।
चीख सुनकर कॉलोनी के लोग दौड़कर पहुंचे तो वह गिरी पड़ी थी। फिर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, यहां डॉक्टरों ने जांच पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से कॉलोनी में शोक का माहौल है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर स्थित एसईसीएल के चोपड़ा कॉलोनी स्कूल लाइन के क्वार्टर नंबर-841 निवासी सतेंद्र भगत गायत्री खदान में कार्यरत है। वह अपनी पत्नी संगीता भगत 29 वर्ष के साथ रहता था। पत्नी 7 मार्ह की गर्भवती थी। शनिवार की सुबह करीब 6 बजे पत्नी ने पति के लिए टिफिन तैयार किया और उसे ड्यूटी पर भेज दिया।
कुछ देर बाद उसने दूध गर्म करने के लिए हिटर पर रख दिया था। सुबह करीब 8 बजे दूध उफनता देख वह किचन में पहुंची। उसने जैसे ही दूध उतारने का प्रयास किया वह करंट के चपेट में आ गई। करंट के झटके से उसके मुंह से चीख निकल पड़ी। आवाज सुनकर पड़ोस के लोग दौड़कर पहुंचे। उन्होंने देखा कि महिला जमीन पर गिरी पड़ी है।
हो चुकी थी मौत
पड़ोसियों द्वारा मामले की सूचना मोबाइल पर उसके पति को दी गई और तत्काल उसे केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से कॉलोनी में शोक का माहौल है।
सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरु कर दी है। गौरतलब है कि एसईसीएल में करंट से मौत की यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पूर्व भी करीब आधा दर्जन लोग इसकी चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं।