
सूरत. पांच साल पूर्व बरोड़ा प्रिस्टेज क्षेत्र के हीरा कारखाने में हुई 10 लाख के हीरों की लूट का राजफाश कर क्राइम ब्रांच ने उत्तरप्रदेश से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं वारदात में लिप्त दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस की माने तो मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के गडिया गांव निवासी जीतू शर्मा ने फरार राकेश तोमर व ऑटो रिक्शा चालक भगवानसिंह तोमर के साथ मिलकर 2018 में लूट की साजिश को अंजाम दिया था।
दरअसल राकेश इसी हीरा कारखाने में काम करता था। उसे पता था कि कारखाने में 10-15 लाख रुपए की हीरे रहते हैं और रात में सिर्फ दो कारीगर काम करते है। उसने यह बात हमवतनी जीतू व भगवानसिंह को बताई और तीनों ने लूट की साजिश रची।
पहचान छिपाने के लिए उन्होंने अपने चेहरे नकाब से ढक दिए। एक चाकू व नकली पिस्तौल लेकर भगवानसिंह के साथ ऑटो रिक्शा में कारखाने पर आए। भगवानसिंह रिक्शा में बाहर खड़ा रहा और दोनों कारखाने में घुसे।
उन्होंने हथियार दिखाकर कारखाने में मौजूद दोनों कारीगरों पर काबू पाया। उसके बाद उनकी आंखों पर टेप लगा दी और हाथ बांध दिए। दोनों को उन्होंने कारखाने के शौचालय में बंद कर दिया। कारखाने के ड्राअर के ताले तोड़ कर 10 लाख 15 हजार 961 रुपए के हीरे लूटे और वहां से फरार हो गए। वारदात के बाद तीनों अपने गांव भाग गए।
सुबह वारदात की खबर मिलने पर कापोद्रा पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन की लेकिन उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिला। लूट की यह गुत्थी अनसुलझी ही थी। लंबे समय बाद क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी सतपालसिंह तोमर को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जीतू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों साथियों की तलाश जारी हैं।
आगरा में ऑटो रिक्शा चलाता था
लूट के बाद जीतू शर्मा भाग कर अपने गांव गया और फिर कुछ समय तक अलग अलग ठिकानों पर छिप कर रहा। उसके बाद उत्तरप्रदेश के आगरा चला गया था। वहां वह ऑटो रिक्शा चलाता था और विनायक विहार कॉलोनी में रह रहा था।
मुखबिर से उसका पता ठिकाना मिलने पर क्राइम ब्रांच ने एक टीम आगरा भेजी। पुलिस टीम ने गुप्त रूप से उसकी पहचान की पुष्टि की और फिर गिरफ्तार कर सूरत ले आई।