सूरत. गुजरात के फार्मेसी और आर्किटेक्चर कॉलेजों की सीटों को भरने के लिए अब एक और कोशिश की गई है। अब कॉलेजों को ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) AICTE की मान्यता नहीं लेनी पड़ेगी। मात्र संबंधित पाठ्यक्रम की काउंसिल की मान्यता पर कॉलेज को सीटों की मंजूरी के साथ प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाएगा।

AICTE गुजरात के फार्मेसी और ऑर्किटेक्चर कॉलेजों की हालत साल दर साल खराब होती जा रही है। दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के कई राउंड आयोजित करने के बावजूद हजारों सीटें रिक्त रह जाती हैं। शिक्षा सत्र 2022-23 की सीटों को भरने के लिए मार्च तक प्रवेश प्रक्रिया जारी थी, लेकिन विद्यार्थी नहीं मिले। अधिकारियों का कहना था कि इस बार कई कॉलेजों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद मान्यता मिली थी। इसलिए ऐसे कॉलेजों में बाद में भी प्रवेश राउंड किए गए थे, पर विद्यार्थियों ने रुचि नहीं ली।
- अभी भी सीटें भरने पर सवाल :
प्राध्यापकों का कहना है कि कॉलेजों को AICTE एआईसीटीई और मदर काउंसिल की मान्यता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इस बार एक ही मान्यता पर कॉलेजों को प्रवेश सूची में शामिल करने का तय किया गया है। एआईसीटीई ने स्पष्ट किया है कि फार्मेसी और आर्किटेक्चर कॉलेजों को उसकी मान्यता लेने की आवश्यकता नहीं है। अब देखना है कि एक मान्यता के बाद गुजरात के कॉलेजों की सीट भर पाएगी या नहीं ?
- एक ही काउंसिल काफी :
AICTE आर्किटेक्चर और फार्मेसी तकनीकी कोर्स है, इसलिए एआईसीटीई की मंजूरी अनिवार्य थी। जबकि मदर काउंसिल की मान्यता पर डिग्री ग्राह्य है। एआईसीटीई की मंजूरी से डिग्री की वैल्यू बढ़ जाती है, लेकिन अब एआईसीटीई और मदर काउंसिल में जो तकनीकी समस्या थी, वह दूर हो गई। इसलिए इस साल काउंसिल की मान्यता से कॉलेज कार्य करेगा। - डॉ. पर्सी इंजीनियर, प्राचार्य, स्केट आर्किटेक्चर कॉलेज, सूरत