मनपा आयुक्त ने दी अधिकारियों को हिदायत
सूरत. मनपा प्रशासन का फोकस इन दिनों जनरल एडवांस को पाटे जाने के साथ ही कैपिटल खर्च पर है। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2018-19 के बजट के वर्कप्लान पर भी कवायद शुरू की है।
मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन ने जनरल एडवांस के खर्च को समय रहते पाटे नहीं जाने पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को इसके लिए शनिवार तक का समय दिया है। आयुक्त की हिदायत के बाद वित्त विभाग से संबद्ध अधिकारी भी संबंधित विभागीय प्रमुखों से जनरल एडवांस पर जवाब-तलब कर रहे है। ऐसे में अधिकारियों का फोकस जनरल एडवांस के खर्च को संबंधित विभागों में डालने पर है।
इसके अलावा वित्त वर्ष 2017-18 के अंतिम माह में अधिकारियों पर कैपिटल खर्च तक पहुंचने का दबाव भी है। विभिन्न प्रोजेक्ट्स की हालत को देखते हुए माना जा रहा है कि मनपा प्रशासन इस मद में दो हजार रुपए के आंकड़े तक ही पहुंचेगा। इसके लिए भी अधिकारियों को पूरी ताकत झोंकनी होगी।
वित्त वर्ष 2018-19 के बजट को सामान्य सभा से मंजूरी मिलने के बाद आयुक्त ने अधिकारियों को एक माह के भीतर इसका वर्कप्लान तैयार करने के लिए कहा है। उन्होंने साफ हिदायत दी है कि वित्त वर्ष शुरू होने के पहले दिन से ही बजट पर काम शुरू हो जाना चाहिए। इसके लिए जो व्यवस्था और कागजी कार्रवाई करनी है, वह पहले से पूरी कर ली जाए।
जरूरत के मुताबिक होंगे काम
प्रस्तावित कर दर वृद्धि वापस होने के बाद आयुक्त ने साफ किया कि बजट में शामिल केपिटल कामों पर प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में ही मनपा प्रशासन को केपिटल कामों पर फोकस रखना होगा। इसीलिए संसाधनों के अनुरूप केपिटल काम कराए जाएंगे। अधिकारियों को भी साफ हिदायत है कि जहां जो प्रोजेक्ट जरूरी हो, उस पर काम होना चाहिए। जिन प्रोजेक्ट्स को आगे खिसकाया जा सकता है, केपिटल अलोकेशन बचा तो उनपर काम करेंगे।