- कहीं सर्कस और डायनासोर, कहीं राज दरबार, कहीं महल-हवेली
सूरत.
गणेश महोत्सव की तैयारियां बुधवार को चरम पर रहीं। गणेश मंडल पंडालों को अंतिम रूप देने में व्यस्त रहे। शहर के अलग-अलग विस्तारों में विभिन्न थीम पर भव्य पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। भक्तों को आकर्षित करने में आयोजक कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते। पंडालों पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
गणेश महोत्सव के दौरान पहले सामान्य पंडाल बनते थे। अब आयोजक पंडालों को भव्य रूप देने लगे हैं। हर साल पंडालों की भव्यता का खर्च बढ़ जाता है। इस बार भी विभिन्न विस्तारों में भव्य पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कारीगर रात-दिन इन्हें तैयार करने में जुटे हैं। भागल, अडाजण, सिटीलाइट, भटार, उधना, लिम्बायत, कतारगाम, रांदेर में भव्य पंडाल नजर आएंगे। अडाजण में कार्निवल थीम पर पंडाल बनाया जा रहा है। बच्चों को आकर्षित करने के लिए इसमें सर्कस के करतब और डायनासोर दिखाए जाएंगे। भटार में राजमहल की थीम पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। यहां गणेशजी के दरबार को महल का रूप दिया गया है। भागातलाब में गणेश पंडाल को हवेली का रूप दिया गया है। राजमार्ग पर तैयार हो रहे इस पंडाल को देखने के लिए अभी से भीड़ उमडऩे लगी है। लीमड़ा चौक में स्थापित किए जाने वाले गणेशजी के बारे में मान्यता है कि उनके वाहन मूषक के कान में मांगी गई मन्नत पूरी होती है। इस पंडाल में हर साल भीड़ उमड़ती है। भीड़ को ध्यान में रखते हुए बड़ा पंडाल बनाया गया है। इसे बारिश से बचाने का बंदोबस्त भी किया गया है। इसे राज दरबार की थीम पर बनाया जा रहा है। दालिया शेरी में स्थापित होने वाले गणेशजी को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं। खासकर यहां के पंडाल को देखने के लिए भीड़ उमड़ती है। इस साल भी दालिया शेरी में भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। इसे बाहुबली के महल का रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा भी शहर में कई जगह पंडालों का काम चल रहा है। ज्यादातर पंडाल अभी अधूरे हैं। इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि रातभर काम कर स्थापना से पहले पंडाल को तैयार कर लिया जाएगा।