PM Mega Textiles Park से दक्षिण गुजरात के कपड़ा उद्योग को लगेंगे पंख, उत्पादन की लागत घटेगी, कारोबार बढ़ेगा, वस्त्र उद्योग में 15 से 20 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद, दो लाख से ज्यादा रोजगार होंगे मुहैया, PM Modi ने हाल ही रखी है इस पार्क की नींव
सूरत. नवसारी के वांसी-बोरसी में पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से दक्षिण गुजरात के कपड़ा उद्योग को पंख लगने की उम्मीद बंधी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फर वरी को इस मेगा पार्क की नींव रखी है। माना जा रहा है कि इसमें वस्त्र उद्योग के लिए जरूरी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर होने से जहां उत्पादन की लागत घटेगी तो कारोबार में भी तेजी आएगी। इससे कपड़ा उद्योग को नई दिशा मिल सकेगी।
PM Mega Textiles Park में एक ही स्थान पर वीविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग, प्रिंटिंग और स्पिनिंग सहित Textiles Industry से जुड़े तमाम घटकों के यूनिट लग सकेंगे। कपड़ा उत्पादन से जुड़े सभी यूनिट एक ही स्थान पर होने से परिवहन खर्च कम होने से लागत घट जाएगी। इससे यहां के उद्यमी प्रतिस्पर्धी बाजार में आसानी से खड़े हो सकेंगे।
कपड़ा उद्योग के जानकारों का मानना है कि नवसारी में बन रहे पीएम मेगा टेक्सटाइल्स पार्क में 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। सूरत सहित दक्षिण गुजरात के उद्यमी इसमें निवेश कर रहे हैं। मेगा पार्क में उद्यमियों को बिजली, पानी, बॉयलर, स्टीम, सीईटीपी आदि जरूरी सुविधाएं मुहैया होगी। यहां निवेशकों को को टर्नओवर पर तीन प्रतिशत इंसेंटिव भी मिलेगा। फिलहाल सूरत में 80 हजार करोड़ रुपए का कपड़ों का कारोबार है। इसमे पांच प्रतिशत एक्सपोर्ट होता है।
खुलेगा निर्यात बढ़ने का रास्ता
मेगा टेक्सटाइल पार्क बनने से नई तकनीक वाली मशीनें बढे़गी। इससे लागत घटने से निर्यात भी बढ़ सकता है। अभी सूरत में कपड़ों का कारोबार लगभग 80 हजार करोड़ है और महज पांच फीसदी Apparel Export होता है। जानकारों के अनुसार मेगा पार्क से सूरत में तेजी से बढ़ रहे गारमेंट उद्योग को भी गति मिलेगी। अभी यहां गारमेंट की लगभग 150 से अधिक इकाइयां हैं, लेकिन एक्सपोर्ट नहीं के बराबर है। उत्पादन सस्ता होने का लाभ एक्सपोर्ट में भी मिलेगा।
दो लाख से अधिक को मिलेगा रोजगार
वांसी-बोरसी मे बन रहे टेक्सटाइल पार्क से सूरत के कपड़ा उद्योग के विकास को गति मिलेगी। यार्न से लेकर गारमेन्ट इंडस्ट्री तक कपड़ा उद्योग से सभी जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
-कमल विजय तुलस्यान, कपड़ा उद्यमी