
जलभराव से निकलते लोग। फोटो-एएनआई
सूरत। दक्षिण गुजरात में मानसून ने मंगलवार को अपना सबसे विकराल रूप दिखाया। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच सुबह करीब छह बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने देखते ही देखते पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया। महज आठ घंटे में करीब 10 इंच बारिश होने से स्मार्ट सिटी सूरत की रफ्तार थम गई। शहर के अधिकांश हिस्सों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया और सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं। दिनभर बादलों की गड़गड़ाहट, बिजली की कड़कड़ाहट और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
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सूरत शहर की अधिकांश सोसायटियों, मुख्य सड़कों और बाजारों में पानी भरने से हालात बाढ़ जैसे बन गए। कई इलाकों में लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। खाड़ियों का जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे हालात और बिगड़ते चले गए। कई क्षेत्र घंटों तक टापू बने रहे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण कई सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ीं। हजारों वाहन बीच रास्ते फंस गए, जबकि लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। तेज हवा और बारिश के चलते शहर में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और शॉर्ट सर्किट की 100 से अधिक घटनाएं सामने आईं, जिससे कई इलाकों में परेशानी और बढ़ गई।
बिगड़ते हालात को देखते हुए मनपा आयुक्त, महापौर और पुलिस आयुक्त स्वयं सड़कों पर उतरे तथा विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया। मनपा की टीमें जलनिकासी, पेड़ हटाने और राहत कार्य में जुटी रहीं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण प्रयासों का अपेक्षित असर नहीं दिख सका। कई स्थानों पर पंपिंग स्टेशन भी भारी जलभराव के आगे जूझते नजर आए।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए भी भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। मंगलवार की बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए।
वहीं दूसरी तरफ भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के बुलेटिन के अनुसार, अगले तीन दिनों में उत्तर, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है।
पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं केरल, तटीय कर्नाटक और आंतरिक कर्नाटक में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में लगातार बारिश से हालात बिगड़ने की आशंका जताई गई है।
Updated on:
07 Jul 2026 06:19 pm
Published on:
07 Jul 2026 06:19 pm
