वेसू कैनाल रोड पर एंट्री गेट का स्लैब ढहने का मामला
सूरत. सूरत के वेसू कैनाल रोड पर गुरुवार सुबह कैनाल ब्यूटीफिकेशन के काम के दौरान भारी-भरकम स्लैब भरभरा कर ढहने के मामले मेें मनपा प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति ने काम शुरू कर दिया है। दो सदस्यीय समिति ने मौका-मुआयना करने के साथ ही तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
महानगर पालिका प्रशासन ने वेसू कैनाल रोड के ब्यूटीफिकेशन का ठेका रणजीत कन्ट्रक्शन को दिया है। जी.डी. गोयनका स्कूल के पास ब्यूटीफिकेशन के तहत एंट्री गेट बनाया जा रहा था। गुरुवार को श्रमिक जब स्लैब पर खड़े होकर काम कर रहे थे, स्लैब अचानक धराशायी हो गया। हादसे में एक बच्ची की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही मनपा का प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था।
हादसे के अगले दिन मनपा प्रशासन ने दो सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच सौंपी थी। इस बीच, मनपा ने ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी को नोटिस जारी किया। समिति ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। हादसे की वजह जानने के लिए तथ्य जुटाए जा रहे हैं। समिति को कार्य की गुणवत्ता के साथ ही यह भी देखना होगा कि निर्माणाधीन जगह पर जमीन के नीचे कहीं नमी तो हादसे की वजह नहीं थी। इसके लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच में करीब एक महीना लग सकता है। रिपोर्ट के बाद ही हादसे की वजह पता चलेगी।
पेटा ठेका पर भी सवाल
मनपा प्रशासन ने वेसू कैनाल ब्यूटीफिकेशन का काम रणजीत बिल्डकॉन को सौंपा था। रणजीत बिल्डकॉन ने इसका काम एक अन्य एजेंसी को दे दिया था। काम को इस तरह पेटा कांट्रेक्टर को देने के तरीके पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। मनपा प्रशासन इस मामले को लेकर भी गंभीर है।
अभी तक याद है अठवा लाइंस का हादसा
वेसू कैनाल ब्यूटीफिकेशन के दौरान स्लैब ढहने पर लोगों को अठवा लाइंस ब्रिज हादसा याद आ गया था। उस हादसे में दस से अधिक श्रमिकों की मौत हुई थी। सूरत महानगर पालिका के कई अन्य प्रोजेक्ट्स में भी निर्माण के दौरान हादसे हो चुके हैं और श्रमिकों को जान गवानी पड़ी है। मजूरा गेट ब्रिज का स्पान गिरने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई थी। कई साल पहले अमरोली ब्रिज के निर्माण के वक्त स्पान गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई थी।