
सूरत. कपड़ों और हीरों की वजह से दुनिया में मशहूर सूरत शहर अब इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते सात सालों में यहां लगभग 1600 आईटी कम्पनियां शुरू हुई है। ये कम्पनियां कई विदेश कम्पनियों के लिए एप्लीकेशन, मोबाइल गेम, ब्लॉक चेन व बैंकिंग एप्लिकेशन आदि क्षेत्रों में आउटसोर्सिंग कर रही हैं।सूरत और दक्षिण गुजरात के युवा आईटी सेक्टर में बड़ी संभावनाएं होने के चलते करियर की तलाश में पुणे और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों का रुख करते थे, लेकिन जैसे-जैसे सूरत में सम्भावनाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे यहां के युवा अपने शहर में ही हाथ आजमाने लगे हैं।
विदेशों के लिए आउटसोर्सिंग
सूरत की आईटी कंपनिया ज्यादातर अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, दुबई व यूरोप के देशो के लिए आउटसोर्सिंग का काम करती हैं। विदेशों से ब्लॉक चैन, सायबर सिक्योरिटी, मोबाइल गेम, एप्लिकेशन के बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलते हैं। उद्यमियों को टास्क निश्चित समय में पूरा करना होता हैं। बीते दिनों अमरीका में मंदी का असर सूरत के आईटी सेक्टर पर भी दिखा था और लगभग 40 प्रतिशत जॉबवर्क कम हो जाने से कई उद्यमियों को छंटनी तक करनी पड़ी थी। इन दिनों हालात सुधारने के बाद विदेशों से जॉब्स ऑर्डर मिल रहे हैं।कोरोना के बाद तेजी से विस्तार
सूरत में कोरोना के बाद आईटी सेक्टर की गाड़ी और तेजी से दौड़ने लगी। कोरोना में लॉकडाउन के दौरान बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियों ने छंटनी और वर्क फ्रॉम होम का सहारा लिया। इस दौरान सूरत या दक्षिण गुजरात लौटे आई प्रोफेशनल्स ने वापस जाने की बजाय में यहीं काम शुरू कर दिया।
डिजिटल वेली नाम रखने की मुहिम
मोटा वराछा और उत्राण के बीच में ही लगभग दो किलोमीटर के दायरे में ही 500 से अधिक आईटी कंपनियां कार्यरत हैं। इस क्षेत्र में आईटी कंपनियों की संख्या को देखते हुए बिल्डर्स ने खास तौर पर कॉम्प्लेक्स बनाकर आईटी कंपनियों के लिए विशेष सुविधाएं मुहैया करवाई है। साउथ गुजरात टेक्नॉलॉजी इनोवेशन काउन्सिल की ओर से इस क्षेत्र को डिजिटल वेली का नामकरण के लिए आगामी एक मार्च तो इन्फ्रीनिटी ग्राउन्ड पर कार्यक्रम रखा है।