सूरत

उद्योग प्रदर्शनी में सूरती फैशन शो का जलवा

उद्योग 2018 के तीसरे दिन रविवार को आयोजित फैशन शो में पूरी तरह सूरत का जलवा रहा। स्टर के १८२ फैशन डिजाइनिंग छात्रों ने सूरत के टैक्स्चर से ही डिजाइनर.

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Jan 22, 2018
Surti Fashion Show Ki Jalwa at Industry Exhibition
Surti Fashion Show Ki Jalwa at Industry Exhibition

सूरत।उद्योग 2018 के तीसरे दिन रविवार को आयोजित फैशन शो में पूरी तरह सूरत का जलवा रहा। स्टर के १८२ फैशन डिजाइनिंग छात्रों ने सूरत के टैक्स्चर से ही डिजाइनर वियर तैयार किए और खुद रैम्प पर कैटवॉक किया। फैशन शो की खासियत यह रही कि छात्रों ने राजस्थान समेत विभिन्न थीम्स पर रैम्प वॉक किया।

दक्षिण गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के आयोजन उद्योग २०१८ में रविवार का मुख्य आकर्षण फैशन शो रहा। सरसाणा के एग्जीबिशन एण्ड कन्वेंशन सेंटर में रैम्प पर १८२ मॉडल्स ने अपनी बनाई डिजाइनर ड्रेस पहनकर कैट वॉक किया। सभी मॉडल्स स्टर्स के फैशन छात्र हैं।


उन्होंने वस्त्र नगरी सूरत में बने कपड़ों को ही अपने मटीरियल के लिए इस्तेमाल किया। उनके मेकअप मैन भी सूरती रहे और ड्रेस की स्टिचिंग तथा अन्य काम भी यहीं हुए। सभी मॉडल्स ने राजस्थानी, पंजाबी, डेनिम समेत विभिन्न थीम पर कैट वॉक किया। फैशन शो की कोरियोग्राफी लखनऊ के महेंद्र सिंह ने की। उद्योग २०१८ के तीसरे दिन रविवार होने के कारण सुबह से अच्छी भीड़ रही। अवकाश के दिन लोग फुरसत के साथ एग्जीबिशन सेंटर आए और प्रदर्शनी में आई टैक्सटाइल इंडस्ट्री से संबंधित मशीनों तथा अन्य उत्पादों की जानकारी की। सोमवार को प्रदर्शनी का अंतिम दिन है।

नायलॉन यार्न पर एंटी डंपिंग ड्यूटी की मांग

केन्द्र सरकार की ओर से नायलॉन यार्न पर एंटी डम्पिंग ड्यूटी हटाने के फैसले के कुछ दिन बाद साउथ गुजरात नायलॉन स्पिनर्स एसोसिएशन ने फैसले पर पुनर्विचार के लिए गुहार लगाई है। साथ ही, फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

सिल्कसिटी सूरत में पॉलिएस्टर यार्न के अलावा नायलॉन, बेम्बर्ग, विस्कोस आदि यार्न का उपयोग किया जाता है। पॉलिएस्टर के बाद नायलॉन का इस्तेमाल अधिक होता है। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में नायलॉन यार्न के कई प्रोजेक्ट हैं। कुछ दिन पहले सरकार ने चीन, ताइवान, मलेशिया और कोरिया से आने वाले नायलॉन यार्न से एंटी डम्पिंग ड्यूटी हटाने का फैसला किया।


स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि इस फैसले से यहां के नायलॉन उद्यमियों का अस्तित्व संकट में आ गया है, क्योंकि विदेश से आयातित यार्न पर अब तक 0.20 सेंट से 1.20 डॉलर तक एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगती थी, अब ड्यूटी नहीं लगने से विदेशी यार्न स्थानीय यार्न से 10 से 50 प्रतिशत तक सस्ता हो जाएगा। ऐसे में यहां के उद्यमियों का प्रतिस्पर्धा में टिक पाना मुश्किल होगा।

कानूनी कार्रवाई

एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाने से विदेशी यार्न सस्ता हो जाएगा। इसका नुकसान स्थानीय उद्यमियों को भोगना पड़ेगा। इस फैसले के खिलाफ केन्द्र सरकार से मांग की है और कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है।
विनय अग्रवाल, उद्यमी

Published on:
22 Jan 2018 05:34 am