
सूरत. दीपावली वेकेशन के दौरान सरथाणा क्षेत्र में तीन बंद मकानों में हुई ५.३६ लाख रुपए की चोरी का राज फाश करते हुए क्राइम ब्रांच ने शातिर नेपाली गिरोह के एक जने को गिरफ्तार किया है तथा उसके फरार साथियों की खोज शुरू कर दी है।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक नेपाल के कालीकोट जिले के मालकोट गांव का मूल निवासी पंख बहादुर उर्फ पवन साही (35) अपने फरार साथियों जस बहादुर, हिम्मत, तेगबहादुर के साथ मिल कर सूरत समेत देश के अन्य शहरों में चोरी करता था।
वह अलग-अलग शहरों में काम करने वाले नेपाली सुरक्षाकर्मियों को अपने साथ मिला कर छुट्टियों में बंद घरों की जानकारी जुटाते थे। फिर उस शहर में सुरक्षाकर्मी की नौकरी हासिल करते थे और मौका मिलने पर हाथ साफ कर नेपाल फरार हो जाते थे। कुछ समय पहले उन्होंने सीमाड़ा नाका के श्याम पैलेस अपार्टमेंट में बतौर सुरक्षाकर्मी काम करने वाले अपने मित्र दीपक पंडित के जरिए छुट्टियों में बाहर जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाई।
दीपक ने छुट्टियां शुरू होने से दो दिन पहले पवन को वहां नौकरी पर रखवाया। रेकी करने के बाद पवन के अपने साथियों को बुला लिया। उन्होंने १७ नवम्बर की रात सीमाड़ा नाका पर श्याम पैलेस में तीन मकानों से नकदी और जेवर समेत ५.३६ लाख रुपए का माल चुराया। वह चौथे मकान का ताला तोडऩे का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आवाज होने से बगल के मकान में रहने वाला परिवार जाग गया। शोर मचाने पर वह भाग निकले।
शिकायत मिलने पर पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई। दीपक, उसका परिवार और पवन वहां से गायब थे। क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना पर सूरत में अमरोली के भगतनगर में रहने वाले पवन को छापराभाठा रोड पर ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस को पांच हजार रुपए और एक अंगूठी बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसके साथी चोरी का सामान लेकर वाया मुंबई नेपाल भाग गए हैं। उन्होंने उसे सात हजार रुपए और चांदी की एक अंगूठी दी थी।