
सूरत
केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सूरत के कपड़ा उद्यमियों को दुनिया के समक्ष अपनी क्षमता दिखाने का समय आ गया है। यहां के कपड़ा उद्योग में आगे बढऩे की पूरी क्षमता है। कपड़ा उद्यमियों को इस दिशा में आगे बढऩा चाहिए। यह बात उन्होंने शनिवार को सरसाणा के इन्टरनेशल एक्जीबिशन एंड कन्वेन्शन सेन्टर में आयोजित यार्न एक्सपो के उद्घाटन के दौरान कही।
केन्द्रीय मंत्री ईरानी ने कहा कि कृषि के बाद रोजगार देने में टैक्सटाइल क्षेत्र दूसरे स्थान पर है। केन्द्र सरकार कपड़ा उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। कपड़ा उद्यमियों की हर समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाता है। विदेश से आयातित कपड़े और यार्न सस्ता होने के कारण यहां के उद्यमियों को नुकसान हो रहा था, इसलिए हाल में ही अनेक प्रकार के यार्न पर एन्टी डम्पिंग ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया गया है। इसके अलावा देश में ही टैक्सटाइल की बड़ी मशीनें अच्छे ढंग से बनें, इसलिए एक कमेटी भी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कपड़ा उद्यमियों को महिलाओं को रोजगार देने को भी महत्व देना चाहिए।
कपड़ा उद्यमी गिरधर गोपाल मूंदड़ा ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार भारत के कपड़ों का निर्यात बढ़ाना चाहती है, तो उसे बिजली की दर कम करनी चाहिए। इसके अलावा वल्र्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन आड़े नहीं आए, ऐसी योजना बनानी चाहिए। केन्द्र सरकार की कुछ योजनाओं का लाभ अन्य राज्यों को तो मिल रहा है, लेकिन सूरत के उद्यमियों को नहीं। इसमें थोड़ा सुधार करना चाहिए। सरकार एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए जो कमेटी बना रही है उसमें सूरत का भी प्रतिनिधि होना चाहिए।
चैम्बर के प्रमुख हेतल मेहता ने वीवर्स का इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड देने के लिए स्मृति ईरानी का आभार जताया। रिलायंस इन्डस्ट्री पॉलिएस्टर के प्रमुख आर.डी. उदेशी ने कहा कि सूरत के कपड़ा उद्यमी हमेशा कुछ नया करते हैं, हमारे पास कपड़ा क्षेत्र में आगे बढऩे की पूरी संभावना है। हमें आधुनिकता के साथ आगे बढऩा चाहिए। इस दौरान सांसद दर्शना जरदोष, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के देवेश पटेल, सिन्थेटिक रेयॉन टैक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल के प्रमुख नारायण अग्रवाल समेत अन्य उद्यमी उपस्थित थे।