मकानों और दुकानों में घुसा पानी मधुबन बांध के सात दरवाजे खोले
वलसाड/वापी/ सिलवासा
दक्षिण गुजरात और संघ प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने फिर से कहर बरपाना शुरू कर दिया है। वलसाड, वापी, भरुच में शनिवार रात से तेज बरसात होने के कारण रविवार सुबह तक कई इलाके टापू में तब्दील हो गए। सभी मुख्य मार्गों में कई फीट तक पानी भरने के अलावा दुकानों और मकानों में बरसात का पानी घुस गया। सिलवासा में पिछले 24 घंटे में 12.1 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। इससे पूरे क्षेत्र में पानी ही पानी हो गया। सूरत में छिटपुट बारिश के अलावा कमोबेश सूखा ही रहा।
कई सोसायटियां जलमग्न हो गई
वापी क्षेत्र के झंडा चौक, वापी-गुंजन रोड, आनंद नगर, वापी-सिलवासा रोड सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। बिलखाड़ी ओवरफ्लो होने के कारण कई सोसायटियां जलमग्न हो गई थी। कई बिल्डिंगों में ढाई से तीन फीट तक पानी भर गया था। कई दुकानों में पानी घुस गया था। रविवार होने के बावजूद ज्यादातर व्यापारी अपनी दुकान में रखे सामान को नुकसान से बचाने की जद्दोजहद में जुटे रहे। भारी बरसात के कारण दमणगंगा नदी के अलावा बिलखाड़ी भी उफान पर है।
वापी में 10 इंच बरसात
वापी में शनिवार रात आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक दस इंच बरसात दर्ज की गई। मधुबन बांध में 97111 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। जबकि बांध से 1.4७ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के सात दरवाजे 1.30 मीटर तक खोले गए हैं। डेम का जलस्तर 74 मीटर पार कर गया है। डेम में 80 मीटर पानी भरने की क्षमता है। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण दमणगंगा नदी किनारे के गांव वालों को किनारे पर न जाने को कहा गया है।
शव को कमर तक पानी के बीच से श्मशान ले जाना पड़ा
मूसलाधार बरसात के कारण वापी समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में जलभराव के कारण बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। रविवार को वापी से सटे करमबेला गांव में एक युवक की मौत के बाद लोगों को उसके शव को कमर तक पानी के बीच से श्मशान ले जाना पड़ा।