दमकल विभाग ने आयोजकों को फायर रिटार्डन केमिकल लगाना किया अनिवार्य, आग लगने पर आधे घंटे तक लपटें उसी जगह सीमित रहती है
सूरत. गुजरात का लोकपर्व नवरात्रि महोत्सव की रविवार से शुरुआत हो रही है। गरबा आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने तो कमर कस ली है। साथ ही आग हादसे से खेलैया और लोगों को बचाने के लिए भी इस बार विशेष ध्यान रखा गया है। दमकल विभाग की ओर से गरबा के बड़े आयोजन स्थलों पर उपयोग में लिए जाने वाले कपड़े पर फायर रिटार्डन केमिकल लगाना अनिवार्य किया गया है।
दमकल विभाग के चीफ फायर ऑफिसर बसंत पारिक ने बताया कि सूरत में कई जगह गरबा के बड़े आयोजन हो रहे हैं। इसके लिए गरबा डोम में एक साथ हजारों लोग मौजूद होंगे। ऐसे में यदि आग हादसा होता है तो बड़ी जनहानि की आशंका रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग की ओर से गरबा के डोम में लगे कपड़ों पर फायर रिटार्डन केमिकल का छिड़काव करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह ऐसा केमिकल है कि यदि कपड़े में आग लगती है तो आधे घंटे तक आग फैलती नहीं है। इस दौरान खेलैया और दर्शकों को आसानी से बाहर निकाला जा सकेगा। आग पर भी जल्द काबू पाकर बड़े नुकसान और जनहानि से बचा जा सकेगा।
आयोजकों को करना पड़ा दो लाख अतिरिक्त खर्च
दमकल विभाग की ओर से गरबा आयोजकों को पहले ही बता दिया गया था कि डोम के कपड़े पर रिटार्डन केमिकल छिड़काव अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित होने के बाद ही दमकल विभाग की ओर से एनओसी दी गई है। हालांकि इसके लिए गरबा आयोजकों को दो लाख रुपए तक का खर्च करना पड़ा है।
वीवीआइपी के कार्यक्रम में होता है उपयोग
फायर रिटार्डन केमिकल का उपयोग अब तक प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति जैसे वीवीआइपी व्यक्तियों को कार्यक्रमों के समय किया जाता रहा है। जहां पर भी वीवीआइपी के लिए डोम बनाया जाता है, वहां डोम के कपड़े पर फायर रिटार्डन केमिकल का छिड़काव किया जाता है।