बालको कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा ग्राम कुदारीडीह के उपसरपंच को धमकी दिए जाने से उसकी हार्टअटैक से मौत हो गई। इस मामले में ग्रामीणों ने थाने पहुंच कम्पनी के कर्मचारियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कराया है।
ग्रामीणों को आरोप है कम्पनी के कर्मचारी ग्राम कुदारीडीह में खदान पुन: चालू कराने के लिए ग्रामीणों को प्रताडि़त करने का काम कर रहे हैं। इसी से उसे सदमा लगा। जबकि ग्रामीणों द्वारा पूर्व से ही खदान खोलने का विरोध किया जा रहा है।
मैनपाट के कुदारीडीह में बाक्साइट खदान पुन: चालू करने के लिए बालको प्रबंधन द्वारा एड़ी-चोटी लगाया जा रहा है। जबकि इसका क्षेत्र के लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है। 6 दिसंबर को बालको के कुछ कर्मचारी गांव में आए जबरन खदान खुलवाने लगे। विरोध पर उन्होंने पूर्व उपसरपंच बुधराम को धमकाया। वहीं जबरन क्षेत्र में खदान खुलवाने के लिए गांव वालों प्रताडि़त करने लगे।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की उपस्थिति में बालकों द्वारा लाई गईं मशीनें भी वापस करा दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि रात को कंपनी के कर्मचारी पूर्व उपसरपंच के घर पहुंचे और कहा कि तुम्हारी यहां अच्छी पकड़ है, सपोर्ट करो। इसके बाद उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि यदि खदान नहीं खुलने दोगे तो तुम्हे उठवा लेंगे।
इससे पूर्व उपसरपंच बुधराम को सदमा लगा और हार्टअटैक आ गया। इससे उसकी तत्काल मौके पर ही मौत हो गई। परिजन भी उसका शव लेकर काफी देर तक खेत में बैठे रहे। इधर पूर्व उपसरपंच की मौत से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इसे लेकर ग्रामीणों न बालको कर्मचारियों पर गम्भीर आरोप लगाते हुए थाने पहुंच शिकायत दर्ज कराई बल्कि एफआईआर की मांग करते हुए थाने में ही घंटों जमे रहे।
इसे लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों का कहना है कि बालको प्रबंधन सिर्फ अपने फायदे के लिए फिर से क्षेत्र में बॉक्साइट खदान खुलवाना चाहता है। लोगों के विरोध के बाद भी दल-बल के साथ उसके द्वारा जोर लगाया जा रहा है।