
सांकेतिक फोटो
कानपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नजीराबाद थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति से खुद को आरबीआई अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने करीब 95 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि ठगों ने लेप्स इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने का झांसा देकर पीड़ित को करीब 10 साल तक अपने जाल में फंसाए रखा। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नवीननगर निवासी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2008 से 2012 के बीच कई बीमा पॉलिसियां कराई थीं। किस्तें जमा न होने के कारण पॉलिसियां लेप्स हो गईं। बाद में जब उन्होंने पॉलिसी का पैसा वापस पाने की कोशिश की तो इंटरनेट पर आरबीआई हेल्पलाइन नंबर खोजा।
फोन करने पर उनकी बातचीत एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को पंकज सिंह बताते हुए आरबीआई का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि लेप्स पॉलिसी का पैसा आरबीआई के नियंत्रण में है और प्रक्रिया पूरी होने पर रकम वापस मिल जाएगी।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने ईमेल के जरिए पॉलिसी डिटेल, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक संबंधी जानकारी मांगी। दस्तावेज भेजने के कुछ समय बाद ही बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से दो फरवरी 2017 को दो बार में 10 लाख रुपये और चार फरवरी 2017 को 1.14 लाख रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित को न तो किसी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली और न ही मोबाइल पर कोई संदेश आया। बाद में आरोपी ने दावा किया कि पैसा हैक हो गया है और उसे वापस दिलाने के लिए अलग-अलग शुल्क जमा करने होंगे।
आरोपियों ने कोड चार्ज, फाइल एक्टिवेशन, टैक्स और समय सीमा बढ़ाने जैसे कई बहाने बनाकर लगातार पैसे जमा कराए। पीड़ित के अनुसार वर्ष 2021 से अब तक वह करीब 95 लाख रुपये यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में जमा कर चुके हैं, लेकिन न तो पैसा वापस मिला और न ही भुगतान प्रक्रिया पूरी हुई।
अब भी आरोपी एक लाख रुपये और जमा कराने का दबाव बना रहे थे। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
पीड़ित ने दीपक सिंह, पंकज सिंह और उनके अन्य साथियों पर सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। नजीराबाद थाना प्रभारी पवन सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ईमेल आईडी के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साइबर सेल की मदद से मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
Updated on:
14 May 2026, 2:55 PM IST
Published on:
14 May 2026, 2:55 PM IST
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