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कोप्पल में 10 दिवसीय आम मेला शुरू, देशी-विदेशी किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र, मियाजाकी आम ने खींचा लोगों का ध्यान

बागवानी विभाग की ओर से किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोडऩे और गुणवत्तापूर्ण आमों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोप्पल में 10 दिवसीय आम मेले का शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन एमएलसी हेमलता नायक, उपायुक्त सुरेश इतनाल, जिला पंचायत सीईओ वर्णित नेगी तथा अन्य अधिकारियों ने किया। आयोजन में जिलेभर के आम उत्पादक किसानों ने अपनी उपज प्रदर्शित की है।
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हुबली

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ASHOK SINGH RAJPUROHIT

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Updated: 14 May 2026, 2:48 PM IST

कोप्पल आम मेले में मियाजाकी आम का अवलोकन करते अधिकारी।

कोप्पल आम मेले में मियाजाकी आम का अवलोकन करते अधिकारी।

इस वर्ष मेले के 10 वर्ष पूरे होने के साथ आयोजन को विशेष रूप दिया गया है। जिले में किसान हितैषी योजनाओं के चलते 6,500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विभिन्न किस्मों के आमों की खेती की जा रही है। मेले में दशहरी, तोतापुरी, मल्लिका, बेनेशन, सिंधूरी, इमाम पसंद समेत अचार के लिए उपयोग होने वाली आम की किस्में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। मेले में इस बार पहली बार आम के जूस को भी शामिल किया गया है। ग्राहकों की सुविधा के लिए विशेष बॉक्स की व्यवस्था की गई है, ताकि वे आसानी से आम का रस घर ले जा सकें। इसके अलावा मेले की विकास यात्रा को दर्शाती फोटो प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

मियाजाकी आम बना आकर्षण
दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल जापानी किस्म मियाजाकी आम ने मेले में लोगों का खास ध्यान खींचा। तीन वर्ष पहले केवल प्रदर्शन के लिए लाया गया यह आम अब जिले के किसानों द्वारा स्थानीय स्तर पर उगाया जा रहा है। इस बार इसकी पहली फसल बाजार में उतारी गई है। जानकारी के अनुसार जापान में मियाजाकी आम की कीमत करीब 2.5 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचती है, जबकि कोप्पल मेले में इसे 2,500 से 3,000 रुपए प्रति किलो के बीच रखा गया है। कई लोगों ने उत्सुकतावश इसकी खरीदारी भी की।

युद्ध के असर से निर्यात प्रभावित
पश्चिम एशियाई देशों में जारी युद्ध और तनाव का असर इस बार कोप्पल के आम कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। पहले जिले के केसर आम नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और गुजरात के एजेंटों के माध्यम से विभिन्न देशों में निर्यात किए जाते थे, लेकिन इस वर्ष एजेंटों की संख्या काफी कम रही। इस कारण किसानों को अपने उत्पाद स्थानीय बाजार में ही बेचने पड़ रहे हैं। पिछले वर्षों में जहां केसर आम करीब 200 रुपए प्रति किलो तक बिकते थे, वहीं इस बार उच्च गुणवत्ता वाले आम भी लगभग 100 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रहे हैं। किसानों का कहना है कि निर्यात प्रभावित होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक ने कहा कि कोप्पल का आम मेला 10 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है और इस बार जिले में उगाए गए मियाजाकी आम को पहली बार बिक्री के लिए रखा गया है। आने वाले दिनों में इन आमों के निर्यात के प्रयास किए जाएंगे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।