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शहनाई -चौघड़ों की गूंज के बीच पसरा मातम, महाराष्ट्र में बेटी की शादी में कन्यादान करते वक्त पिता ने तोड़ा दम

Buldhana News: महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बेटी का कन्यादान करते समय पिता कुरुमदास भुतेकर को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। कुछ ही समय पहले उनकी बायपास सर्जरी हुई थी और उन्होंने हाल ही में बेटे की शादी भी संपन्न कराई थी। खुशियों भरे माहौल में इस अनहोनी से पूरे परिवार में मातम पसर गया है।

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मुंबई

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Imran Ansari

May 14, 2026

Buldhana News

बेटी की शादी में कन्यादान करते वक्त पिता ने तोड़ा दम

Father Dies During Kanyadan: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां अपनी लाडली बेटी का कन्यादान करते समय एक पिता की मौत हो गई। शहनाइयों की गूंज और शादी के उल्लास के बीच हुई इस अनहोनी ने पूरे गांव और परिवार को झकझोर कर रख दिया है।

क्या है पूरी घटना?

बुलढाणा जिले के वरददी बुद्रुक में रहने वाले कुरुमदास पुंडलिक भुतेकर (50) की बेटी नंदिनी का विवाह जालना के प्रदीप महादेव नानोटे के साथ तय हुआ था। मंगलवार, 12 मई को विवाह का कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से चल रहा था। दोपहर तक शादी की रस्में खुशी-खुशी संपन्न हुईं, लेकिन शाम 5 बजे के करीब जब विदाई से पहले कन्यादान की रस्म शुरू हुई, तो खुशियां मातम में बदल गईं।

कन्यादान करते समय आया हार्ट अटैक

धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार जब भुतेकर अपनी बेटी का कन्यादान कर रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे वहीं गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। जिस मंडप में कुछ देर पहले तक मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब चीख-पुकार मच गई।

हाल ही में हुई थी बायपास सर्जरी

आपको बता दें कि मृतक कुरुमदास भुतेकर के लिए पिछले कुछ महीने अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और संघर्षपूर्ण रहे थे, जिसकी शुरुआत पिछले साल 26 दिसंबर को उनकी माता के निधन से हुई थी और उसी दुखद महीने में उन्हें स्वयं भी हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा जिसके चलते उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अभी हाल ही में 21 अप्रैल को अपने बेटे विशाल का विवाह संपन्न कराया था और इसके ठीक 21 दिन बाद वे अपनी लाडली बेटी का घर बसाने की तैयारी कर रहे थे, जिसके लिए वे पिछले कई दिनों से बिना थके काफी भागदौड़ और मेहनत कर रहे थे। अपनी बेटी की गृहस्थी को सुखी और खुशहाल बनाने का सपना दिल में संजोए इस पिता की ऐसी अचानक और हृदयविदारक विदाई ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया और वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें नम कर दी हैं।