
अजय देवगन और महेश भट्ट का मजेदार किस्सा। (फोटो सोर्स: ajaydevgn)
Ajay Devgn Mahesh Bhatt: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने अब तक के अपनी फिल्मीं करियर में एक से बढ़ कर एक बेहतरीन फिल्मों में काम किया है। देवगन ने बॉलीवुड के लगभग हर जॉनर में काम किया है फिर चाहे वो रोमांटिक हो, कॉमेडी हो या फिर एक्शन-सस्पेंस थ्रिलर फिल्म हो। अजय देवगन के शुरूआती करियर में एक फिल्म आयी थी, जिसके लिए उनको नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। ये फिल्म सुपर-डुपर हिट तो नहीं थी, लेकिन फिल्म ने लोगों के दिलों को जरूर छुआ था। समय के साथ इस फिल्म की लोकप्रियता बढ़ती गई और आज यह पहले से ज्यादा लोगों से जुड़ी हुई लगती है। फिल्म का नाम है 'ज़ख्म'।
महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अजय देवगन के साथ पूजा भट्ट, नागार्जुन, सोनाली बेंद्रे और बतौर बाल कलाकार कुणाल खेमू ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। हाल ही में, वैरायटी इंडिया के साथ एक बातचीत में अजय देवगन के फिल्म के बारे में मजेदार किस्सा शेयर किया और बताया कि कैसे नहाते वक्त महेश भट्ट का फ़ोन आया था और उनकी झोली में ये फिल्म गिरी थी। आइये जानते हैं क्या था वो किस्सा?
अजय देवगन ने कल्ट क्लासिक फिल्म के मिलने का वाकया शेयर करते हुए बताया, "मुझे कोई स्क्रिप्ट रातोंरात पढ़ने की याद नहीं है, लेकिन मुझे हैदराबाद में शूटिंग के दौरान का एक किस्सा याद है। उस समय मोबाइल फोन नहीं थे। मैं नहा रहा था। होटल के बाथरूम का लैंडलाइन फोन बजा, मैंने उठाया और दूसरी तरफ महेश भट्ट साहब थे।"
आगे एक्टर ने बताया, “उन्होंने मुझसे कहा, ‘मैं चाहता हूं कि तुम मेरे लिए एक फिल्म करो,’ और मैंने कहा, ‘भट्ट साहब, मैं नहा रहा हूं, क्या मैं आपको बाद में कॉल कर सकता हूं?’ उन्होंने कहा, ‘नहीं, नहीं, एक सेकंड रुकिए, मुझे दो मिनट लगेंगे।’ दो मिनट में ही उन्होंने मुझे ‘ज़ख्म’ की कहानी सुनाई और मैंने कहा, ‘अब क्या मैं नहा सकता हूं? मुझे जाने दीजिए, मैं फिल्म कर रहा हूं।”
इसके साथ ही अजय देवगन ने महेश भट्ट के उस अटूट विश्वास को भी याद करते हुए कहा, “मेरी पहली फिल्म रिलीज नहीं हुई थी और मैं अपने पिताजी के ऑफिस के बाहर खड़ा था। एक कार गुजर रही थी और भट्ट साहब ने कहा, ‘मैंने चलती कार में तुम्हारी आंखों में देखा। तुम कमाल करोगे, मुझ पर भरोसा रखो।’ यह सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा।”
timesofindia की खबर के अनुसार, महेश भट्ट ने खुद पहले 'जख्म' बनाने को लेकर आई चुनौतियों के बारे में बात की थी। 2014 में एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया था कि उस दौरान सत्ताधारी दल पूरी तरह से इस फिल्म के खिलाफ था। उन्होंने बताया, “उस समय एनडीए की सरकार थी। मुझसे कहा गया कि मैं ये फिल्म बनाकर पागल हो गया हूं। इसे रिलीज करना मेरे लिए सबसे मुश्किल था। इसे रिलीज करवाने के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस फिल्म को उन्होंने बहुत जुनून के साथ बनाया था और हमें खुशी है कि अजय देवगन को इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।”
जानकारी के लिए बता दें कि अजय देवगन आखिरी बार 'दे दे प्यार दे 2' में नज़र आए थे, जबकि भट्ट की सबसे हालिया निर्देशित फिल्म 'सड़क 2' थी।
शायद यही उचित है कि यह भट्ट द्वारा निर्देशित उनकी अंतिम फिल्मों में से एक थी, क्योंकि यह निस्संदेह उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति है, एक ऐसी फिल्म जिसके लिए उन्हें आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
Published on:
14 May 2026 03:10 pm
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