
दल्ली राजहरा हादसा (photo source- Patrika)
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। 12 मई को खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। हादसे के बाद जहां परिजनों ने अस्पताल के सामने हंगामा कर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बीएसपी (Bhilai Steel Plant) के दो अधिकारियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है।
इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान किशुन कुमार (54), राकेश कुमार (28) और बैशाखिन (50) के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन Protests कर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। न तो पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेडिंग (security barricading) थी और न ही मजदूरों को उचित सेफ्टी उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। इसी लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए (Bhilai Steel Plant) बीएसपी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम सिविल रमेश कुमार शामिल हैं, जिन पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगा है।
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर आगे एफआईआर दर्ज (FIR registered) किए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
दरअसल, दल्लीराजहरा में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान निर्माण स्थल पर अचानक मिट्टी धंसने से तीन मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें एक महिला मजदूर भी शामिल थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, जबकि तीनों मजदूरों की मौत की आशंका ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
Published on:
14 May 2026 02:52 pm
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