
सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत मामले में बीएसपी प्रबंधन ने डीजीएम नगर प्रशासक मंगेश सेलकर और एजीएम सर्विसेस रमेश कुमार हेड़ाऊ को निलंबित कर दिया है। वहीं मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर परिजनों एवं मजदूर संगठनों ने राजहरा माइंस अस्पताल की मरच्युरी में रखे तीनों शवों को लेने से इनकार कर दिया और धरना प्रदर्शन किया।
दल्लीराजहरा नगर में सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौत मामले में बीएसपी प्रबंधन ने डीजीएम नगर प्रशासक मंगेश सेलकर और एजीएम सर्विसेस रमेश कुमार हेड़ाऊ को निलंबित कर दिया है। वहीं मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर परिजनों एवं मजदूर संगठनों ने राजहरा माइंस अस्पताल की मरच्युरी में रखे तीनों शवों को लेने से इनकार कर दिया और धरना प्रदर्शन किया। परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा और मृतकों के आश्रितों को माइंस में नौकरी नहीं दी जाती, वे शव नहीं उठाएंगे। प्रबंधन के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।
हंगामा को देखते हुए प्रशासन ने जिले से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर अस्पताल परिसर में तैनात कर दिया था। घटनास्थल के गड्ढे को रात को ही जेसीबी के माध्यम से पाठ कर बराबर कर दिया गया, जिससे घटना की पुनरावृत्ति ना हो।
बीएसपी के राजहरा माइंस अस्पताल में मृतक के परिजनों, प्रशासन एवं बीएसपी प्रबंधन के बीच लगभग चार घंटे चर्चा के बीच पीडि़त परिजनों को मुआवजा देने एवं एक व्यक्ति को ठेका श्रमिक के रूप में माइंस में कार्य देने के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पीडि़त परिवार को ठेकेदार 5 लाख पचास हजार रुपए देगा। श्रम मंत्रालय की ओर से यदि श्रमिक कार्ड जीवित है तो 5,00,000 अन्यथा एक लाख रुपए एवं बीएसपी की ओर से 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया। कलेक्टर की ओर से डीएमएफ फंड से पीडि़त परिवार को दो-दो लाख रुपए प्रदान करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में क्षेत्रीय विधायक अनिला भेडिय़ा, एसडीएम सुरेश कुमार साहू, मुख्य महाप्रबंधक आरबी गहरवार, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू, उपाध्यक्ष मनोज दुबे, भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू, मुश्ताक अहमद, पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष रवि जायसवाल, श्याम जायसवाल, सीएसपी राजहरा विकास पाटले, टीआई अविनाश सिंह एवं ट्रेड यूनियन के नेता उपस्थित थे। भिलाई स्टील प्लांट के जीएम इंचार्ज जेएन ठाकुर एवं जीएम आईआर विकास चन्द्रा ने लगातार पीडि़तों से चर्चा कर आंदोलन को खत्म कराया।
मांगों को लेकर मृतकों के परिजन, ग्रामीण और मजदूर संगठन के लोग सुबह 10 बजे से राजहरा माइंस अस्पताल के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बिना सुरक्षा के खुदाई कराई गई। न तो साइड वॉल को सपोर्ट दिया गया, न ही मजदूरों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई। हादसे में जान गंवाने वाले किशुन, राकेश एवं बैसाखिन मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
धरने पर बैठे लोगों ने बीएसपी प्रबंधन और ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। मजदूर नेता ने कहा कि हर बार हादसे के बाद जांच की बात कहकर मामला दबा दिया जाता है।
संबंधित विषय:
Updated on:
03 Sept 2026 02:46 pm
Published on:
13 May 2026 11:38 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
