वनवासियों से वन अधिकार पत्र देने के एवज में वनपाल व वनरक्षकों द्वारा एक से 2 हजार रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। कुन्नी सर्किल के लगभग 500 लोगों से अवैध उगाही करने का आरोप है। इस मामले में हितग्राहियों ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राज्य सरकार द्वारा वर्षों से वन भूमि पर काबिज लोगों को नियम के अनुसार प्रकरण बनाकर नि:शुल्क वन अधिकार पत्र दिये जाने का प्रावधान है। लेकिन लखनपुर वनपरिक्षेत्र के कुन्नी सर्कल अंतर्गत वन विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी वन अधिकार पत्र बनाने व देने के एवज में 1 से 2 हजार रुपए वसूल रहे हैं। लगभग 500 हितग्राहियों से अवैध वसूली किए जाने का आरोप है।
इसमें ग्राम मांजा, चोडय़ा, फैलपुर, तुरगा, रानीकछार, कुन्नी, देवकुंड, लोसगी के हितग्राहियों से रुपए की वसूली की गई। हितग्राही देवास, ननकूराम, बीरसाय, सुखराम, चरकू, रिफू, बालसाय, कस्टू, बुटुल, रामविलास, एतवा किंडो, कैला, कपिल, मंगल, रामधनी, बहादुर, शोभन, तीरसाय, हरदेवाड व डोजनसाय ने आरोप लगाया है कि वन अधिकार पत्र देने के नाम पर बीट गार्ड व डिप्टी रेंजर द्वारा उनसे जबरन वसूली की गई है।
रुपए नहीं देने पर कहा गया कि तुम लोगों को वन अधिकार पत्र से वंचित कर दिया जाएगा। इससे मजबूर होकर इन हितग्राहियों को रुपए देने पड़ गए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सर्कल प्रभारी व वनपाल कभी भी मुख्यालय में नहीं रहते हैं। एक गरीब हितग्राही देवसाय पंडो ने आरोप लगाया कि उसने कर्ज लेकर वनकर्मियों को वन अधिकार-पत्र के लिए रुपए दिए हैं।