मंदिर

400 साल पुराना मां दुर्गा का दरबार, मंदिर बनाने की पहली कोशिश रह गई थी अधूरी, जानें इसके पीछे की रोचक गाथा

Badi Devi Temple: मध्य प्रदेश के दमोह स्थित बड़ी देवी मंदिर में नवरात्रि पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। करीब 400 साल पुराना यह मंदिर आस्था और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।
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Oct 10, 2026
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Badi Devi Temple Damoh: 400 साल पुराना मां दुर्गा का दरबार (फोटो सोर्स- Patrika)

Badi Devi Temple: नवरात्रि (Navratri) में मां दुर्गा के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। करीब 400 साल पुरानी मान्यता, चमत्कारों से जुड़ी कहानियां और मंदिर निर्माण की पहली कोशिश का अधूरा रह जाना… आखिर कैसे हजारी परिवार की कुलदेवी देशभर में प्रसिद्ध हुईं? जानिए मध्य प्रदेश के बड़ी देवी मंदिर का रोचक इतिहास।

क्या बताता है इतिहास?

एमपी के दमोह जिले में देवी मंदिर मंदिर का इतिहास बताता है कि करीब चार सौ वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कटहरा गांव से हजारी परिवार दमोह पहुंचा था। परिवार अपनी कुलदेवी मां महालक्ष्मी की मूर्ति लेकर भी लेकर लेकर पहुंचा था। माता की इस मूर्ति की स्थापना फुटेरा तालाब के पास स्थित उनकी ही जमीन पर उन्होंने किया था। इसके साथ ही मां सरस्वती और मां महाकाली की मूर्तियां भी स्थापित की गई थीं। इसके बाद यहां काफी चमत्कार हुए और बड़ी देवी के नाम से मां की प्रतिमा प्रचलित हो गई।

बड़ी देवी मंदिर से खाली हाथ नहीं लौटे भक्त

मां जगतजननी की दमोह के फुटेरा वार्ड स्थित बड़ी देवी मंदिर में मूर्तियों की स्थापना होने के बाद से लेकर लगातार यहां भक्तों का पहुंचना शुरु हुआ। हजारी परिवार की कुलदेवी के सामने जिस किसी ने भी अपनी कामना रखी। मां जगतजननी ने उसकी इच्छा पूरी कर दी। कुछ ही समय में लोग हजारी परिवार की कुलदेवी को बड़ी देवी पुकारने लगे और लोग इस मंदिर को बड़ी देवी के मंदिर के नाम से जानने लगे। जो अब देश भर में प्रसिद्ध तीर्थ बड़ी देवी के नाम से प्रचलित है। पूर्व में बड़ी खेरमाई और बगीचा वाली माई के नाम से भी लोग यहां माता के दर्शन करने पहुंचते थे।

मंदिर बनाने का पहला प्रयास हो गया था असफल

मंदिर के पुजारी पंडित आशीष कटारे ने बताया कि पूर्वजों ने कहा कि करीब दो सौ वर्ष पूर्व छपरट वाले ठाकुर साहब ने मनोकामना पूरी होने पर बड़ीदेवी मंदिर बनाने का प्रयास किया था, लेकिन गुबंद क्षतिग्रस्त होने के बाद काम रोक दिया गया था। इसके बाद 1979 में शहर के बाबूलाल गुप्ता ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। अब नया रूप मंदिर को दिया जा रहा है। जिसके लिए लोग खुलकर दान कर रहे है। जल्द ही बड़ीदेवी बड़ीदेवी मंदिर का आकर्षक स्वरूप देखने मिलेगा।

Updated on:
10 Oct 2026 03:12 pm
Published on:
10 Oct 2026 03:12 pm