
वर्ष का तीसरा ग्रैंड स्लैम विंबलडन (Wimbledon) कल यानि सोमवार से शुरू हो रहा है। पूरी दुनिया की नजर टेनिस के इस टूर्नामेंट पर है। टेनिस का यह ग्रैंड स्लैम अपने कई अलग नियमों को लेकर भी खास है। इस टूर्नामेंट में ड्रेस कोड को लेकर भी एक खास नियम है। इस टूर्नामेंट खेलने वाले खिलाड़ियों को लेकर एक खास ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले प्लेयर्स को सफेद रंग के ही खास कपड़े पहनने होते हैं। हालांकि इस ड्रेस कोड की वजह से कई बार बवाल तक हो चुका है।
वनपीस पर हुआ था बवाल
करीब 36 साल पहले ग्रैंड स्लैम विंबलडन में एक महिला खिलाड़ी के कपड़ों को लेकर बहुत बड़ा बवाल हुआ था। यहां तक की महिला खिलाड़ी को बैन करने तक की बात कह दी गई थी। दरअसल, महिला खिलाड़ी ऐनी व्हाइट के टूर्नामेंट के दौरान वनपीस पहनने को लेकर काफी हंगामा हुआ था। 27 जून, 1985 को अमरीका की टेनिस खिलाड़ी ऐनी व्हाइट पांचवीं वरीय खिलाड़ी पाम श्रीवर के खिलाफ पहला राउंड खेल रही थी।
रेफरी ने सही कपड़े पहनने को कहा
ऐनी व्हाइट ट्रैकसूट में वार्मअप कर रही थीं। वहीं मैच खेलने से पहले उन्होंने ट्रैकसूट उतार दिया। ट्रैकसूट के नीचे ऐनी ने सफेद रंग का वनपीस लाइक्रा बॉडी सूट पहन रखा था, जिसके पैर में वार्मर था। ऐनी के आउटफिट ने दर्शकों और फोटोग्राफर्स का ध्यान खींचा। उनकी ड्रेस को देखकर टूर्नामेंट के अधिकारियों सहित सभी लोग हैरान रह गए थे। एक सेट पर मैच बराबरी पर रहने के साथ ही खराब रोशनी के कारण खेल को रोक दिया गया। इसके बाद टूर्नामेंट रेफरी एलेन मिल्स ने ऐनी से अगले दिन सही कपड़े पहनकर आने को कहा।
की गई थी बैन करने की मांग
अगले दिन अमरीकन खिलाड़ी ऐनी सही कपड़े पहनकर आईं। हालांकि वह तीसरा सेट हार गई। बाद में अपनी ड्रेस पर हुए विवाद पर ऐनी ने कहा था कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह काफी विवादित हो जाएगा। वही पाम ने कहा कि ऐनी का आउटफिट ध्यान भंग कर रहा था और टूर्नामेंट के अधिकारियों से उन्हें इस आउटफिट को फिर कभी पहनने से बैन करने के लिए कहा गया था।