टीकमगढ़

आस्था की सडक़ या ठेकेदार की लापरवाही , दो साल बाद भी अधूरा कुंड पहाड़ी का सीसी सडक़ निर्माण

जनवरी 2024 में पूरा होना था काम, 2026 आ गया..... सडक़ अब भी अधूरी

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Jan 16, 2026
जनवरी 2024 में पूरा होना था काम, 2026 आ गया..... सडक़ अब भी अधूरी

टीकमगढ़. जतारा कुंड पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर और भगवान भोलेनाथ के मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई जा रही सीसी सडक़ अब आस्था का रास्ता कम और लापरवाही की मिसाल ज्यादा बनती जा रही है। 2 करोड़ 20 लाख 90 हजार रुपए की लागत से स्वीकृत यह सडक़ दो साल बाद भी अधूरी है, जबकि इसे 10 जनवरी 2024 तक पूरा हो जाना था। श्रद्धालुओं को जहां आसान और सुरक्षित रास्ते की उम्मीद थी, वहीं आज उन्हें अधूरी सडक़, उखड़ी सतह और धूल, मिट्टी से जूझना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों एवं अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रांतीय सचिव राम रतन दीक्षित का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया। वर्ष 2026 शुरू हो चुका है, लेकिन सडक़ अब भी अधूरी पड़ी है, जिससे नगरवासियों में भारी नाराजगी है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सीसी सडक़ निर्माण में मिट्टी युक्त बालू का उपयोग किया जा रहा है। इससे सडक़ की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे है। लोगों का कहना है कि पहाड़ी मार्ग पर यदि कमजोर सडक़ बनी, तो भविष्य में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही जानलेवा साबित हो सकती है।

सीढिय़ों से सडक़ तक... अधूरी उम्मीद

कुंड पहाड़ी पर पहले श्रद्धालुओं के लिए केवल सीढिय़ों का सहारा था। स्थानीय विधायक हरिशंकर खटीक के प्रयासों से सीसी सडक़ को मंजूरी मिली, ताकि श्रद्धालु वाहन से मंदिर तक पहुंच सकें। लेकिन निर्माण में देरी ने श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

२०२३ से २०२४ में करना था निर्माण कार्य पूर्ण, जांच की मांग

नगरवासियों का कहना है कि हजारों लोगों की आस्था से जुड़े इस धार्मिक स्थल पर निर्माण कार्य में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार दोनों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल देते है। शिकायतों के बावजूद न तो नियमित निरीक्षण हो रहा है और न ही ठेकेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि समय सीमा के अनुसार किए गए अनुबंध का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा।

स्वयं मौके पर जाकर जांच करेंगे और यह भी देखा जाएगा कि ठेकेदार द्वारा समय सीमा में कार्य पूरा क्यों नहीं किया गया। यदि लापरवाही की गई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

आलोक कुमार खरे, एसडीओ लोक निर्माण विभाग जतारा।

Published on:
16 Jan 2026 11:14 am
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