राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासक एवं निवर्तमान सरपंच नीता कंवर को पद से हटा दिया है।
टोंक। पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत नटवाड़ा की प्रशासक एवं निवर्तमान सरपंच नीता कंवर को पद से हटा दिया है। इसका आदेश जयपुर से जारी किया गया।
विभागीय जांच रिपोर्ट में पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। इसके साथ ही तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन उप सचिव त्रिलोक चंद मीना द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान उपसरपंच को प्रशासक पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाएगा ताकि पंचायत का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि ग्राम सभा में कोरम पूरा किए बिना ही जर्जर भवनों की नीलामी का प्रस्ताव पारित किया गया। राजकीय भवनों की भूमि को बिना सक्षम स्वीकृति के नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया। सरकारी भवनों की सामग्री की विधिवत नीलामी नहीं की गई, जिससे राजस्व हानि की स्थिति उत्पन्न हुई। कृषि पर्यवेक्षक भवन और काजी हाउस की चारदीवारी को बिना गिराए ही नीलामी कर दी गई। इसके अलावा नियमों के विरुद्ध पट्टे जारी करने के आरोप भी प्रमाणित हुए।
ग्राम पंचायत प्रशासन ने जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की अनुमति हेतु जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा था। उपखंड अधिकारी ने पांच भवनों को जर्जर घोषित कर ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। लेकिन जांच में सामने आया कि केवल दो भवन ही तोड़े गए, जबकि तीन आज भी खड़े हैं। इसके विपरीत बस स्टैंड के पास बने दो भवन बिना आदेश के ध्वस्त कर भूखंड दर्शाते हुए नीलामी कर दी गई।
नीलामी प्रक्रिया को उपसरपंच कैलाशी देवी जाट की अध्यक्षता में होना दर्शाया गया। लेकिन उपसरपंच ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इससे मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जाली हस्ताक्षर और आपराधिक साजिश का भी बन गया।