
बीसलपुर बांध। पत्रिका फाइल फोटो
टोंक। जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने विधानसभा में बीसलपुर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया और क्षेत्रवासियों की चिंता को सदन में मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि बांध की ऊंचाई बढ़ने से देवली, जहाजपुर और केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के लगभग 50–60 गांवों की कृषि भूमि, स्कूल और सामाजिक संरचनाएं डूब क्षेत्र में आ जाएंगी, जिससे हजारों परिवार विस्थापित होंगे।
विधायक मीणा ने सरकार को सुझाव दिया कि बांध की ऊंचाई बढ़ाने के बजाय उसकी गहराई बढ़ाने और वर्षों से जमा गाद (मिट्टी) निकालने पर विचार किया जाए। उन्होंने ब्राह्मणी नदी को बीसलपुर से जोड़ने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इससे पानी की आवक बनी रहेगी और विस्थापन की समस्या से बचा जा सकेगा।
वर्तमान में बांध की क्षमता 9 प्रतिशत बढ़ाने की योजना है, जिससे लगभग 68 गांवों की 350 हेक्टेयर जमीन डूब क्षेत्र में आने की आशंका है। इस योजना का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। विस्थापित समिति उपखंड अधिकारी कार्यालय परिसर के बाहर करीब दो माह से धरना दे रही है। सदन में मुद्दा उठाने पर विस्थापित समिति ने विधायक गोपीचंद मीणा का आभार जताया है।
Published on:
20 Feb 2026 09:07 am
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