
तेज हवा व बारिश से जमीन पर लेटी गेहूं की फसल। फोटो: पत्रिका
टोंक। राजस्थान के टोंक जिले में गत दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सरसों और गेहूं सहित अन्य फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिससे अन्नदाता आर्थिक संकट की आशंका से घिर गए हैं। सरसों की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी थी और कटाई का कार्य चल रहा है।
अचानक हुई बारिश से कटी हुई एवं खेतों में एकत्रित सरसों की फसल के ढेर भीग गए, जिससे फसल के गलने की स्थिति बन गई है। नमी बढ़ने से दानों में सड़न और बदबू आने की आशंका है, जिससे बाजार में भाव गिरने का खतरा भी बढ़ गया है।
निवाई में बारिश के चलते खेतों में खड़ी फसल की कटाई भी अब विलंबित होगी, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है। खेतों में पशुओं के लिए रखा गया सूखा चारा भी भीगकर खराब हो गया है। इससे किसानों के सामने पशुचारे की समस्या खड़ी हो गई है।
किसान महापंचायत निवाई के ब्लॉक अध्यक्ष दशरथ सिंह ने बताया कि खरीफ की फसल पहले ही अति वर्षा के कारण बर्बाद हो चुकी थी, जिसका मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिला है। ऐसे में रबी फसल से किसानों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन इस नुकसान ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र गिरदावरी करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और किसानों को समय पर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
देवली में बुधवार को बिगड़े मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं ने चिंता की लकीरें खींच दीं। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई खेतों में गेहूं की फसल आड़ी गिर गई। इससे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। इसी तरह सरसों की खड़ी फसल, जो कटाई या पकने की स्थिति में थी, बारिश और हवाओं से प्रभावित हुई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना है।
इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते खरीफ की फसल नहीं हो सकी थी। किसानों ने रबी की फसल से भरपाई की उम्मीद की थी। गेहूं और सरसों की अच्छी पैदावार से किसान वर्ग प्रसन्न था, लेकिन बुधवार को मौसम की पलटी ने उनकी उम्मीदों पर असर डाल दिया।
राजमहल कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में बुधवार को दिनभर आकाश में बादल छाए रहे और तेज हवाओं का दौर चलता रहा। शाम को अचानक तेज अंधड़ के साथ करीब एक घंटे तक बारिश हुई। बारिश और अंधड़ के चलते खेतों में पकने के कगार पर पहुंची गेहूं, जौ, चना और सरसों की फसलें आड़ी पड़ गईं।
वहीं, खेतों में कटकर पड़ी सरसों की फसलें भीग गईं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। तेज हवाओं और बारिश के कारण शादी समारोहों में लगे टेंट धराशायी हो गए। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को एक बार फिर तेज सर्दी का एहसास हुआ।
Published on:
20 Feb 2026 09:55 am
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