Repair of Minors of Galwa Dam: गलवा बांध से किसानों की रबी की फसलों की सिंचाई को लेकर नहरों एवं माइनरों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उनियारा. उपखण्ड क्षेत्र के गलवा बांध से किसानों की रबी की फसलों की सिंचाई को लेकर नहरों एवं माइनरों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियन्ता गजानन्द सामरियां ने बताया कि अविृष्टि से बांध का नहरी तंत्र भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया।
विभाग ने बांध के कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की रबी की फसल की सिंचाई को लेकर नहरों की मरम्मत एवं सफाई के लिए समय से कार्य योजना तैयार कर बजट उपलब्ध करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जहां से 19 कार्यों के लिए स्वीकृति जारी की गई। उन्होंने बताया कि स्वीकृति आने पर निविदाएं आमंत्रित कर सम्बन्धित ठेकेदारों को कार्यादेश जारी कर दिए गए। साथ ही उनकी बैठक लेकर उन्हें अविलम्ब कार्य कर शीघ्र निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
माशी बांध जल वितरण कमेटी की बैठक 2 को
टोंक. माशी बांध जल वितरण कमेटी की बैठक जिला कलक्टर के.के.शर्मा की अध्यक्षता में 2 नवम्बर दोपहर 3 बजे सिंचाई डाक बंगला पीपलू में होगी। इसी प्रकार टोरडी सागर बांध की जल वितरण कमेटी की बैठक जिला कलक्टर के.के.शर्मा की अध्यक्षता में 6 नवम्बर दोपहर एक बजे टोरडी सागर डाक बंगले में होगी।
गलवानियां बांध की जल वितरण कमेटी की बैठक जिला कलक्टर की अध्यक्षता में 4 नवम्बर दोपहर तीन बजे गलवानियां बांध स्थल पर होगी। भैरूसागर चांदसेन बांध मध्यम सिंचाई परियोजना की जल वितरण कमेटी की बैठक दो नवम्बर दोपहर 12बजे चांदसेन डाक बंगला स्थल पर होगी।
अतिवृष्टि से 13 हजार किसान हुए है प्रभावित , 27 गांवों में हुआ गिरदावरी सर्वे
मालपुरा. उपखण्ड क्षेत्र में खरीफ की बोई गई फसलों में अतिवृष्टि से 27 गांवों के 13 हजार 200 किसानों के 33 प्रतिशत से अधिक खराबा हुआ। राज्य सरकार के निर्देशानुसार राजस्व विभाग की ओर से करवाई गई गिरदावरी रिपोर्ट में उपखंड क्षेत्र के झाडली, किशनपुरा, सनोदिया, लाम्याजुनारदार, फूल मालियान, रामसिंहपुरा, हिण्डोला, इंदोली, रतनपुरा, प्रतापपुरा, तांतिया, देवल, बाघपुरा, महादेवपुरा, कांटोली, ढीबरु, नयागांव जाटान, नयागांव गुर्जरान, सिंधोलिया, रूपाहेली, दोराई, तितरियां, बाढ दौराई, बागडी, रामपुराबास बागडी, संग्रामपुरा एवं आसन जोगियान क्षेत्र के 13 हजार 200 किसानों के अतिवृष्टि से फसलों में 33 से 40 प्रतिशत तक खराबे की रिपोर्ट राजस्व विभाग की ओर से राज्य सरकार को भेजी गई।