
Tonk Medical College : प्रतीकात्मक फाइल फोटो पत्रिका
Tonk Medical College : राजस्थान सरकार ने बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत टोंक मेडिकल कॉलेज को बड़ी सौगात देते हुए विभिन्न नियमित पदों के सृजन सहित 122 आउटसोर्स और 7 संविदा सेवाओं समेत कुल 129 नई सेवाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इनमें नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी, वार्ड अटेंडेंट तथा अन्य पैरामेडिकल सेवाएं शामिल हैं। निदेशालय चिकित्सा शिक्षा, जयपुर की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अधीन संचालित मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आदेश के तहत टोंक मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित विभिन्न श्रेणियों के नियमित पद सृजित किए जाएंगे।
राजस्थान स्तर पर कुल 16 मेडिकल कॉलेजों में 608 नए नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें टोंक मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। नियुक्तियां वित्त विभाग के नियमानुसार की जाएंगी। किसी भी कार्मिक से व्यक्तिगत अनुबंध नहीं किया जाएगा तथा सेवाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक मान्य रहेगी।
देवली. ग्राम पंचायत मालेडा की ढाणी भगवानपुरा में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा नियमित पानी नहीं दिया जा रहा है और पिछले एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आया है। ग्रामीण रामप्रसाद ,सावरा, महादेव कुमावत, सत्यनारायण, श्रवण कुमावत, हेमराज मीणा व कमला कुमावत ने बताया कि इस समस्या से जलदाय विभाग के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया। देवली नगर पालिका में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिला प्रभारी मंत्री, विधायक देवली-उनियारा एवं जिला कलेक्टर टोंक को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर समयबद्ध तरीके से जल सप्लाई करने का निवेदन किया गया।
आरओ प्लांट भी पिछले एक साल से बंद
ग्रामीणों का कहना है कि जलदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते ठेकेदार मनमर्जी से पानी दे रहा है। अनियमित सप्लाई के कारण भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत प्राथमिक विद्यालय के बाहर लगाया गया आरओ प्लांट भी पिछले एक साल से बंद पड़ा है।
रखरखाव के अभाव में लाखों की लागत से लगा प्लांट बेकार हो रहा है, जबकि ग्रामीण शुद्ध पेयजल को तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ठेकेदार पर कार्रवाई कर नियमित जल सप्लाई शुरू करवाई जाए और बंद पड़े आरओ प्लांट को तुरंत चालू किया जाए, ताकि योजना का लाभ जनता को मिल सके।
Published on:
29 May 2026 12:45 pm
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