
जयपुर में आरएसआरडीसी की 131वीं बोर्ड बैठक। फोटो पत्रिका
Tonk Road : उप मुख्यमंत्री एवं राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन की अध्यक्ष दीया कुमारी ने रविवार को आयोजित आरएसआरडीसी की 131वीं बोर्ड बैठक में ऋण प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। आरएसआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने नसीराबाद, सरवाड़, केकड़ी-देवली सड़क (एसएच-26) के अपग्रेडेशन, केकड़ी बाईपास निर्माण तथा सड़क को दो लेन से चार लेन में विकसित करने के लिए 460 करोड़ के ऋण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क परियोजनाओं के निर्माण में उपयोगिता को प्राथमिकता दी जाए।
देवली गांव को उपखंड मुख्यालय से जोड़ने वाला नेकचाल मार्ग पिछले 9 वर्षों से बदहाली का शिकार बना हुआ है। शहर और देवली गांव के बीच करीब 200 मीटर लंबा यह मार्ग गड्ढों, कीचड़ और दलदल में तब्दील होकर लोगों के लिए जानलेवा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की समस्या को लेकर आमरण अनशन, आंदोलन, समझौते और जिला कलक्टर के आदेश पर सीमांकन तक हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रशासनिक अनदेखी और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
देवली गांव से शहर को जोड़ने वाली सदियों पुरानी “नेकचाल तालाब की पाल” में करीब 200 मीटर हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और पाल से पानी का रिसाव भी लगातार हो रहा है। बारिश के दिनों में यहां कीचड़ इतना बढ़ जाता है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
सीमांकन और टेंडर के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
ग्रामीण अजयपाल सिंह चौहान, भंवर माली, नानूलाल चौधरी, रामदेव माली, पवन पाराशर, अशोक, दामोदर और गोपाल सहित कई लोगों ने मुख्यमंत्री, विधायक और जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिला कलक्टर टोंक के आदेश पर 10 नवंबर 2023 को भू-प्रबंधन विभाग ने सीमांकन कर निशानात कायम कर दिए थे। इसके बाद नगर पालिका देवली ने कार्य का टेंडर भी जारी किया, लेकिन अब तक संवेदक को कार्यादेश जारी नहीं किया गया, जिससे निर्माण शुरू नहीं हो पाया।ग्रामीणों का कहना है कि पाल को दुरुस्त कराने के लिए कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई। जनसुनवाई में भी मामला उठाया गया और पूर्व में आंदोलन के दौरान समझौते भी हुए। चुनाव के समय नेताओं ने आश्वासन दिए, लेकिन 2.75 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली यह पाल आज भी क्षतिग्रस्त पड़ी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भू-प्रबंधन विभाग के सीमांकन के अनुसार तहसीलदार देवली से दोबारा मौके की निशानदेही कराकर जारी टेंडर के तहत नेकचाल पाल का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए।
Updated on:
26 May 2026 11:27 am
Published on:
25 May 2026 01:34 pm
