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Rajasthan Human Trafficking : थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर राजस्थान के युवक को म्यांमार में बेचा, जानें कैसे बचा

Rajasthan Human trafficking : थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर टोंक के युवक शंकर प्रजापत को म्यांमार में बेच दिया। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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टोंक

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 1 Jun 2026, 11:36 AM IST

Rajasthan Human trafficking Tonk youth lured Thailand job offer sold Myanmar Know how save

विदेश में नौकरी के नाम पर मानव तस्करी का शिकार हुआ शंकर प्रजापत। फोटो पत्रिका

Rajasthan Human Trafficking : विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का सपना दिखाकर मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। टोंक जिले के उपखंड नासिरदा निवासी 24 वर्षीय शंकर प्रजापत को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर म्यांमार में बंधक बनाकर बेच दिया गया। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नासिरदा थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार शंकर प्रजापत पुत्र सत्यनारायण प्रजापत नवंबर 2024 में अंडमान-निकोबार में मर्चेंट नेवी में सेकंड मास्टर के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान उसकी पहचान गुरुग्राम निवासी हिमांशु गुर्जर से हुई।

सितंबर 2025 में हिमांशु ने वॉट्सऐप कॉल के जरिए थाईलैंड में 80 हजार रुपए मासिक वेतन वाली नौकरी का प्रस्ताव दिया। ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद आरोपी ने जॉब के नाम पर 50 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से ले लिए।

होटल में रखने के बाद मकान में किया बंद

रिपोर्ट के अनुसार 16 अक्टूबर 2025 को शंकर थाईलैंड पहुंचा। वहां से उसे विभिन्न वाहनों में बैठाकर म्यांमार सीमा पार कर मायावाडी क्षेत्र ले जाया गया। कुछ समय होटल में रखने के बाद उसे एक मकान में बंद कर दिया गया, जहां पहले से 20-25 युवक मौजूद थे। पीड़ित का आरोप है कि तीन दिन तक भोजन तक नहीं दिया गया। घर लौटने की बात कहने पर आरोपी ने दो लाख रुपए की मांग की।

आर्मी की कार्रवाई में बची जान

शंकर ने बताया कि 20 अक्टूबर को उसे एक कंपनी में काम पर लगाया गया, लेकिन अगले ही दिन म्यांमार-अमेरिका संयुक्त आर्मी की कार्रवाई के दौरान वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान वह किसी तरह नदी पार कर थाईलैंड पहुंचा और वहां की सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत सरकार की सहायता से उसे भारत वापस लाया गया। वह अंडमान, गाजियाबाद, दिल्ली और जयपुर होते हुए टोंक पहुंचा।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

थानाधिकारी नेकीराम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी हिमांशु गुर्जर निवासी गुरुग्राम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा इमीग्रेशन एक्ट 1983 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। नेकीराम ने बताया कि आरोपी हिमांशु गुर्जर जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाएगा।