टोंक

बेड़े से बाहर नहीं निकली रोडवेज बसें, लोक परिवहन सहित निजी वाहनों ने जमकर कूटी चांदी

हड़ताल जाम के चलते आगार की 102 बसों का संचालन नहीं हो पाया। मंगलवार को अन्य स्थानों के लिए रवाना हुई वह वहीं खड़ी रही।
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Jul 26, 2018
Roadway strike
टोंक. राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे की ओर से मंगलवार रात 12 बजे से रोडवेज का 48 घंटों का जाम शुरू हुआ। इस दौरान आगार से एक भी बस का संचालन नहीं हो पाया। अधिकांश बसें आगार में ही खड़ी रही।

टोंक. राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे की ओर से मंगलवार रात 12 बजे से रोडवेज का 48 घंटों का जाम शुरू हुआ। इस दौरान आगार से एक भी बस का संचालन नहीं हो पाया। अधिकांश बसें आगार में ही खड़ी रही।

रोडवेज के विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने कार्यशाला के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। हालांकि भामस से जुड़े रोडवेजकर्मी हड़ताल में शामिल नहीं रहे, इसके बावजूद बसों के संचालन समेत अन्य सभी कार्य ठप रहे। उधर, आगार अधिकारी व जिला प्रशासन हड़ताल के चलते लाचार नजर आया।

प्रशासन के निजी बसों को अस्थायी परमिट जारी करने समेत अन्य उपाय धरे रह गए। इन्टक के पुष्पेन्द्र शर्मा, रोडवेज इन्टक अध्यक्ष अशफाक मोहम्मद, एटक अध्यक्ष शंकरलाल जांगिड़, रामनिवास जाट, बजरंगलाल, गोपाललाल जाट, मदनलाल शर्मा, नईम खान, श्योजीराम जाट प्रथम, राजेन्द्र कुमार, शाकिर अली, अरशद, राधेश्याम मीणा, मोहम्मद हसन, मोहम्मद सलीम, दीपक, कृपाशंकर, मोहम्मद मियां आदि पदाधिकारियों ने आगार कार्यशाला के बाहर सरकार के खिलाफ नारे लगाकर रोष व्यक्त किया। हड़तालकर्मियों ने दिनभर आगार व बस स्टैण्ड पर धरना देकर एक भी बस को बेड़े से नहीं निकलने दिया।


निजी वाहनों का
सहारा लेना पड़ा
***** जाम के चलते आगार की 102 बसों का संचालन नहीं हो पाया। मंगलवार को अन्य स्थानों के लिए रवाना हुई वह वहीं खड़ी रही। टोंक आगार प्रबन्धक रामचरण गोचर ने बताया कि स्वेच्छा से आने वाले चालक परिचालकों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कोई कर्मचारी काम पर ही नहीं आया। संचालन बंद रहने से 24 घंटे में ही आगार को 10 से 11 लाख की चपत लगी है। रोडवेज नहीं चलने से यात्रियों को निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि इस दौरान लोक परिवहन की मौज रही।

हड़ताल से परेशान रहे यात्री
देवली. राजस्थान रोडवेज संघ के कर्मचारी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को सामूहिक हड़ताल पर रहे। इसके चलते रोडवेज बसों के पहिए थमे रहे। यात्रियों को गतंव्य तक जाने के लिए परेशानी झेलनी पड़ी।

बस स्टैण्ड के बीट प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल में इंटक, एटक व अन्य संगठनों से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान समूचे प्रदेश में रोडवेज बसों के चक्के थमे रहे। उन्होंने बताया कि संगठन गत कई वर्षो से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्षरत है।

इनमें डीए की तीन बकाया किस्तों का भुगतान करने, दीपावली का बोनस दिलाने, सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने, विभाग में नई भर्ती व नई बसे शामिल करने की अहम मांगे है। संगठन इन मांगों को पूरा करने की मांग कर रहा है।

इधर, बसे नहीं चलने से दिनभर यात्री परेशान रहे है। वहीं लोक परिवहन बसों का बस स्टैण्ड में प्रवेश बंद रहा। इसे लेकर बुधवार सुबह 7 बजे से रोडवेज बस स्टैण्ड, चुंगी नाका व पेट्रोल पम्प चौराहे पर देवली थाना पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस दौरान एसआई घनश्याम मीणा, यातायात प्रभारी सांवरमल जाट ने यातायात व्यवस्था संभाली।


यात्रियों से वसूला मनमाना किराया
उनियारा. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते निगम की बसें स्टैण्ड पर नहीं आने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं निजी वाहन मालिकों की चांदी हो गई। इस दौरान कई निजी वाहन मालिकों ने तो यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।

Published on:
26 Jul 2018 08:31 am