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राजस्थान: सचिन पायलट के गढ़ में निकाय चुनाव का बहिष्कार, अफसरों की समझाइश भी फेल

राजस्थान के टोंक में निकाय चुनाव का बहिष्कार सामने आया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र के डारड़ा हिंद गांव में परिसीमन से नाराज ग्रामीणों ने नगर परिषद चुनाव में मतदान न करने और कोई प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है। 18 महीने से विकास ठप होने के विरोध में अड़े ग्रामीणों को एसडीएम की समझाइश भी मना नहीं सकी।
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टोंक

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Arvind Rao

Aug 31, 2026

tonk villagers boycott municipal poll

डारड़ा हिंद में ग्रामीणों से समझाइश करते एसडीएम व तहसीलदार (पत्रिका फोटो)

Tonk Municipal Council Elections: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच सचिन पायलट के गढ़ टोंक के एक गांव में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया है। दरअसल, पंचायत समिति टोंक की पूर्व ग्राम पंचायत डारड़ा हिंद को परिसीमन के दौरान नगर परिषद टोंक में शामिल किए जाने का विरोध तेज होता जा रहा है।

ग्रामीणों ने नगर परिषद चुनाव सहित आगामी सभी चुनावों के बहिष्कार का एलान किया है। रविवार को ग्रामीणों को समझाने पहुंचे टोंक एसडीएम सीमा खेतान और तहसीलदार अजयपाल यादव को विरोध का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर मतदान की अपील की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। विरोध और नारेबाजी के बीच अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।

ग्रामीणों की मांग है कि डारड़ा हिंद को नगर परिषद से हटाकर वापस ग्राम पंचायत में यथावत रखा जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि परिसीमन के बाद से गांव की सुध लेने कोई नहीं आया। सफाई व्यवस्था बदहाल है और विकास कार्य भी प्रभावित हैं। ऐसे में नगर परिषद में शामिल किए जाने से गांव के विकास की स्थिति और खराब होने की आशंका है।

अधिकारियों ने की समझाइश, नहीं माने ग्रामीण

नगर परिषद चुनाव के मद्देनजर रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सीमा खेतान तथा तहसीलदार अजयपाल यादव रविवार को डारड़ा हिंद पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मतदान करने की अपील की। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग स्वीकार नहीं करती, चुनाव बहिष्कार का निर्णय जारी रहेगा। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि उनका गांव कृषि प्रधान है और इसे नगर परिषद में शामिल करने का निर्णय वापस लिया जाना चाहिए।

‘टोंक शहर का ही विकास नहीं कर पाई परिषद’

ग्रामीण शिवजीराम चौधरी, रामेश्वर प्रसाद, रामनिवास सहित अन्य ने कहा कि नगर परिषद टोंक शहर की टूटी सड़कों और सफाई व्यवस्था जैसी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है। ऐसे में गांव के विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि नगर परिषद में शामिल होने से गांव की मूलभूत जरूरतों और कृषि आधारित व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

वार्ड 2 में शामिल है डारड़ा हिंद

परिसीमन के अनुसार, डारड़ा हिंद को नगर परिषद टोंक के वार्ड नंबर 2 में शामिल किया गया है। यहां पार्षद पद के लिए 11 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है। नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी।

ग्रामीणों के अनुसार, अब तक डारड़ा हिंद वार्ड से किसी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। ग्रामीणों ने बताया कि वे सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पहले ही अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।