श्रीश्याम की पदयात्रा रवाना

पीपलू. श्रीश्याम समिति की ओर से श्रीचारभुजानाथ मंदिर से निवाई स्थित श्याम बाबा के दर्शनों के लिए बुधवार को पदयात्रा रवाना हुई। इसमें श्याम प्रभु झांकी सबसे आगे तथा इसके पीछे-पीछे डीजे की धुन पर पदयात्री भजनों पर नृत्य करते चल रहे थे।
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Updated: 9 Mar 2017, 10:26 AM IST
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पीपलू में रवाना हुई पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु।

पीपलू. श्रीश्याम समिति की ओर से श्रीचारभुजानाथ मंदिर से निवाई स्थित श्याम बाबा के दर्शनों के लिए बुधवार को पदयात्रा रवाना हुई। इसमें श्याम प्रभु झांकी सबसे आगे तथा इसके पीछे-पीछे डीजे की धुन पर पदयात्री भजनों पर नृत्य करते चल रहे थे।

झांकी का कस्बेवासियों ने जगह-जगह आरती कर स्वागत किया।इससे पहले पदयात्रियों ने चारभुजानाथ मंदिर में श्रीजी के दर्शन तथा श्याम बाबा ध्वज (निशान ) की पूजा-अर्चना की। समिति के राजेश गौड़ ने बताया कि पदयात्री बगड़ी में बीजासन माता, रजवास में बूड़ला बालाजी के दर्शन करते हुए निवाई पहुंचेंगे।

संतों की संगत प्रभु प्राप्ति का मार्ग

बंथली . मनुष्य सांसारिक मोह-माया में उलझकर धीरे-धीरे भक्ति मार्ग से विरक्त होने लगा है। वह थोड़ा समय निकाल संतों व धर्म पुरुषों की संगत करे तो निश्चित ही उसका प्रभु प्राप्ति का मार्ग बन जाएगा। यह बात संत नय सागर ने पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर दूनी में चल रहे नौ दिवसीय धर्मचक्र महामण्डल विधान में बुधवार को प्रवचन करते हुए कही।

समाज के ललित कुमार पाटनी ने बताया कि संत नय सागर के निर्देशन में समाज के महिला, पुरुषों ने सुप्रभात मंगल गान के बाद भगवान का अभिषेक कर शांतिधारा का पूजन किया। विधान का समापन रविवार को होगा। इस दौरान मनीष पाटनी, नीरज कटारिया, संजय जैन, सोना जैन, संतरा जैन आदि मौजूद थे।

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