दौसा, देवली, खींवसर, झुंझुनूं और चैरासी सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन पांच में से तीन सीटों-झुंझुनूं, देवली और दौसा पर सचिन पायलट का प्रभाव माना जाता है।
Rajasthan News : इस साल हुए आम चुनाव में राजस्थान के पांच विधायक सांसद चुनकर लोकसभा पहुंच गए हैं जिसके चलते खाली हुई पांच विधानसभा सीटों के लिए इसी साल उपचुनाव होने हैं। उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों ही पार्टियों ने जहां पांचों सीटें जीतने का दावा किया है, तो वहीं नेताओं के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई है। दोनों पार्टियों के बड़े नेता इन सीटों पर अपने अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए अभी से दौरे करने भी शुरू कर दिए हैं।
इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल कर रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। किस तरह सभी सीटों पर उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित की जाए, इसे लेकर जोशी टोंक दौरे पर गए हुए हैं। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जोशी (Rajasthan BJP President C P Joshi) ने टोंक से कांग्रेस विधायक सचिन पायलट (Sachin Pilot) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने पायलट को लेकर बड़ी बात कहते हुए कहा कि पांच सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए वह (पायलट) भाजपा के लिए बड़ी चुनौती नहीं है। उनकी मौजूदगी से आगामी उपचुनाव में पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हम मजबूती से सभी सीटों पर चुनावलड़ेंगे और जीतेंगे भी।
इन सीटों पर होने हैं उपचुनाव
आपको बता दें कि दौसा, देवली, खींवसर, झुंझुनूं और चैरासी सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन सीटों के विधायक सांसद बनकर लोकसभा पहुंच गए हैं और नियम के हिसाब से उन्हें इन सीटों से इस्तीफा देना पड़ा। इन पांच में से तीन सीटों-झुंझुनूं, देवली और दौसा पर सचिन पायलट का प्रभाव माना जाता है। इन सीटों पर उनके सर्मथक विधायकों ने जीत दर्ज की थी। राजनीति के जानकारों का मानना है कि इन तीन सीटों पर पायलट का काफी दबदबा है और उपचुनाव में उनका प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसी को देखते हुए पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पायलट उनके लिए कोई गंभीर चुनौती नहीं हैं।
वहीं, अपनी बात पर अटल रहते हुए किरोड़ी लाल मीना (Kirodi Lal Meena) ने कहा था कि उन्हें पीएम मोदी की ओर से दी गई सात सीटों की जिम्मेदारी में से अगर भाजपा एक भी सीट हारती है तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने हाल ही में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वह अपना इस्तीफा वापस लेंगे या नहीं। मीना के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर पूछा तो जोशी बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए।