
टोंक. वन विभाग की ओर से लाख कोशिश करने के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है।इसे रोकने के लिए महज खाइयां ही खोदी जाती है।
ऐसी खाइयां विभाग ने शुक्रवार को फिर खोदी है, लेकिन कभी अंकुश पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते आसमान छूती पहाडिय़ां जमींदोज हो चुकी है।
कार्रवाईके नाम पर कभी कभार वन विभाग एकाध ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ कर खानापूर्तिकर लेता है। जबकि वास्तविकता यह हैकि पहाडिय़ों पर अवैध खनन जारी है।
एक दर्जन खोदी खाइयां
क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेन्द्रसिंह शेखावत के नेतृत्व में वन रक्षक जोधराजसिंह, वीरसिंह, विक्रम शर्मा, रघुनाथ आदि ने कच्चा बंधा क्षेत्रमें जेसीबी से खाइयां खुदवाईहै।
उनका मानना हैकि खाइयां खुदने के बाद खननकर्तापहाड़ तक वाहन नहीं ले जा पाएंगे। इससे अवैध खनन पर अंकुश लग पाएगा। जबकि शहर बनास नदी किनारे अवैध खनन जमकर चल रहा है।
इसके अलावा कारोला, सोहेला, दूनी, घाड़, मालपुरा आदि जगह के पहाड़ों पर भी अवैध खनन बेलगाम है, लेकिन वन विभाग इन पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
दिन-रात निकलते हैं वाहन
पत्थर से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली व ट्रक हाइवे तथा शहर की सड़कों पर दिनरात गुजरते रहते हैं, लेकिन वन विभाग ने कभी इन पर कार्रवाई नहीं की।
53 हजार का जुर्माना
खनिज विभाग की टीम ने सदर थाने के समीप अवैध रूप से बजरी भरकर जा रहे ट्रक को पकड़ लिया। बाद में चालक पर 53 हजार 150 रुपए का जुर्माना कर दिया।
फोरमैन सोमाराम मीणा ने बताया कि जांच दल प्रभारी अमीचंद दहिया के नेतृत्व वाली टीम ने इसके बाद नयागांव में अवैध रूप से बजरी भरकर ले जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। उसे सदर थाने के सुपुर्दकिया गया है।