टोंक

Tonk: प्रशासनिक अधिकारी ने 1 लीटर पानी में नहाकर दिया जल संरक्षण का अनूठा संदेश, परिवार का भी मिला सहयोग

Water Saving Initiative: क्या सिर्फ एक लीटर पानी में नहाया जा सकता है तो इसका जवाब हां है। टोंक जिले में DEO कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत दीनदयाल कसेरा ने प्रदेश के लोगों को जल संरक्षण का संदेश देने का अनूठा तरीका अपनाया है।

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Jun 02, 2026
Water Saving Initiative
प्रशासनिक अधिकारी एक लीटर पानी में कर रहे स्नान, पत्रिका फोटो

Water Saving Initiative: क्या सिर्फ एक लीटर पानी में नहाया जा सकता है तो इसका जवाब हां है। टोंक जिले में DEO कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत दीनदयाल कसेरा ने प्रदेश के लोगों को जल संरक्षण का संदेश देने का अनूठा तरीका अपनाया है। दीनदयाल बीते 5 वर्षों से महज एक लीटर पानी से स्नान कर रहे हैं और उनकी इस अनूठी पहल में उनका परिवार जल संरक्षण की मिसाल बन गया है।

बीते 5 साल से नहीं टूटा नियम

दीनदयाल कसेरा (51) टोंक शहर के छोटा तख्ता इलाके के रहने वाले हैं। टोंक DEO कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत कसेरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सांगानेर विभाग के व्यवस्था प्रमुख भी जुड़े हैं। कसेरा संघ के कार्यों में भी पूरी शिद्दत से जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होने 5 साल पहले नहाने में व्यर्थ होने वाले पानी को बचाने का संकल्प लिया था, तब से लेकर अब तक​ नियम को नहीं तोड़ा। इस अनूठे कार्य में पत्नी और दो बेटों का भी सहयोग रहा है।

प्रांत के कार्यक्रम में किया प्रदर्शन

सेंट सोल्जर सीनियर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित 16 दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग में को पहल देखने को मिली। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा प्रशासनिक अधिकारी दीनदयाल कसेरा ने एक लीटर पानी से नहाकर जल संरक्षण का मैसेज दिया। इससे पहले भी घर के बाथरूम में एक लीटर पानी से पूर्ण स्नान करते हुए वीडियो बनाकर शेयर कर चुके हैं।

दीनदयाल कसेरा बताते हैं कि वे पानी की बचत को अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। पहले जहां 15-20 लीटर पानी नहाने में खर्च होता था। धीरे-धीरे कम करना शुरू किया और अब घर पर भी एक लीटर पानी में संपूर्ण स्नान करने का नियम बना लिया है। परिवार के सदस्य भी अधिकतम 3 लीटर पानी से नहा रहे हैं।

सुबह 4 बजे से रहते एक्टिव

वर्ग कार्यवाह अशोक शर्मा और प्रबंध प्रमुख महेंद्र के अनुसार दीनदयाल कसेरा संघ शिक्षा वर्ग में सुबह 4 बजे उठ जाते हैं। इसके बाद दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को शारीरिक प्रशिक्षण और बौद्धिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। वे रात 10 बजे तक सक्रिय रूप से सेवा देते हैं और सभी को पानी बचाने की सीख भी देते हैं। दीनदयाल कसेरा हर कार्यक्रम में ‘जल है तो कल है’ की भावना के साथ पानी बचाने की मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।

Published on:
02 Jun 2026 01:59 pm