
भुवनेश पण्ड्या
उदयपुर. पिछोला झील में गिरते मल-मूत्र को रोकने के लिए शुक्रवार को जैसे ही कलक्टर की ओर से बनाई गई कमेटी विभिन्न मार्गों पर निरीक्षण के लिए पहुंची तो कमेटी के सदस्यों की आंखे फटी की फटी रह गई। पहले दिन करीब ढाई घंटे तक किए गए निरीक्षण में २१ स्थान एेसे सामने आए जिन स्थानों से मल मूत्र रिसकर झीलों में गिर रहा है। कुछ दिन पहले झील विकास समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस आेर ध्यान दिलाया था, इस पर कलक्टर ने एक कमेटी बनाकर झीलों की स्थिति देखने के निर्देश दिए थे, इस पर कमेटी ने शुक्रवार से भौतिक सत्यापन शुरू किया।
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ये थे कमेटी में
जल संसाधन विकास के अधिशासी अभियन्ता डॉ तेज राजदान, झील संरक्षण समिति के संयुक्त सचिव डॉ अनिल मेहता, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियन्ता जीपी सोनी, झील विकास प्राधिकरण सदस्य तेजशंकर पालीवाल सहित नगर निगम उपायुक्त सहित कई अन्य अधिकारी व गीताजंली इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के इंजीनियर शामिल थे।
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एेसे मिले रिसाव:
- नई पुलिया से पांच बजे दौरा शुरू किया। होटल नेचुरल तक पांच जगह मलमूत्र का रिसाव मिला।
- अम्बामाता पुलिया व पम्प हाउस की दीवारों से चार जगह मल मूत्र गिरता मिला।
- चांदपोल अमरकुण्ड पर करीब सात जगह।
- रोंगणिया घाट, बोलस्वी घाट पर भी नजर आया।
- गणगोर घाट, लाल घाट, पुराने नाव घाट पर रिसाव मिला।
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आज देखेंगे कितने नाले गिर रहे हैं झील में
कमेटी की ओर से सुबह ८.३० बजे झीलों का दौरा करेगी।