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उदयपुर में जल्द दौड़ेंगी 23 नई इलेक्ट्रिक बसें, यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

उदयपुर शहर में ई-बस सेवा का जल्द विस्तार होने जा रहा है। 35 बसों का आरटीओ पंजीयन पूरा हो चुका है, जबकि 12 बसें सड़कों पर चल रही हैं। अब 23 नई बसों को जल्द बेड़े में शामिल किया जाएगा। यात्रीभार के आधार पर ज्यादा भीड़ वाले रूट पर बसों की संख्या और फेरों में बढ़ोतरी की जाएगी।
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उदयपुर

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Kamal Mishra

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Updated: 3 Sep 2026, 5:12 PM IST

udaipur e bus

Udaipur: इलेक्ट्रिक बसें (फोटो-पत्रिका)

उदयपुर। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ई-बस सेवा का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। शहर के लिए स्वीकृत 50 इलेक्ट्रिक बसों में से 35 बसों का आरटीओ में पंजीयन पूरा हो चुका है। इनमें से 12 बसें फिलहाल शहर की सड़कों पर यात्रियों को परिवहन सुविधा दे रही हैं, जबकि पंजीकृत 23 बसों को जल्द ही संचालन में शामिल किया जाएगा। शेष 15 बसों के आने के बाद उदयपुर में 50 ई-बसों का पूरा बेड़ा तैयार हो जाएगा।

बसों की संख्या बढ़ने के साथ अब सबसे अहम फैसला रूट और फेरों को लेकर होगा। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण ई-बसों का संचालन निर्धारित 10 रूट पर ही किया जा रहा है। इन मार्गों पर यात्रीभार का आकलन करने के बाद ज्यादा भीड़ वाले रूट पर अतिरिक्त बसें लगाने और फेरों की संख्या बढ़ाने की योजना है।

जिस रूट पर ज्यादा यात्री, वहां ज्यादा बसें

ई-बसों के संचालन में अब यात्रीभार को सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। मादड़ी-कलड़वास और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मजदूरों की आवाजाही होती है। ऐसे में इन मार्गों पर यात्रियों का दबाव अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए यहां आने वाले समय में बसों की संख्या और फेरों में बढ़ोतरी को प्राथमिकता दी जा सकती है।

इसी तरह लंबे रूट पर कॉलेज विद्यार्थियों की आवाजाही भी काफी रहती है। खासकर सुबह और दोपहर के समय इन मार्गों पर यात्रीभार बढ़ जाता है। ऐसे में बस संचालन केवल तय रूट के आधार पर नहीं, बल्कि यात्रियों की संख्या, भीड़ के समय और मार्ग की जरूरत के अनुसार तय करने की तैयारी है।

लंबे रूट पर दोनों छोर से बस चलाने की तैयारी

लंबे रूट पर यात्रियों को एकतरफा यात्रा में परेशानी नहीं हो, इसके लिए दोनों छोर से एक साथ बसें रवाना करने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार कुछ रूट को आगे तक बढ़ाने और कुछ मार्गों में आंशिक बदलाव की संभावना भी है। रूट के पुनर्गठन में यात्रियों और संबंधित क्षेत्रों के लोगों से राय-मशविरा किया जाएगा।

धोल की पाटी के बाद तीन जगह बनेंगे टर्मिनल

ई-बस सेवा के विस्तार के साथ इनके संचालन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में टर्मिनल विकसित करने की भी तैयारी है। फिलहाल धोल की पाटी में ई-बसों का मुख्य डिपो है। अब अंबेरी, साइफन और प्रतापनगर में नए टर्मिनल तैयार किए जाएंगे। अंबेरी में जगह फाइनल हो चुकी है, जबकि साइफन बस स्टैंड पर भी स्थान मिल गया है। प्रतापनगर में जगह की तलाश जारी है।

यह वीडियो भी देखें :

नए टर्मिनल बनने के बाद ई-बसों को रात के समय शहर के अलग-अलग हिस्सों में खड़ा किया जा सकेगा। इससे बसों के संचालन में सुविधा होगी और अगले दिन अलग-अलग रूट पर बसों को समय पर रवाना करने में भी मदद मिलेगी।