उदयपुर

video : पढ़िए…कैसे 25.2 प्रतिशत लोग बेवजह यूं ही हो जाते है धूम्रपान के शिकार

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Nov 03, 2018
Cigrate smoking
पढ़िए...कैसे 25.2 प्रतिशत लोग ही बेवजह हो जाते है धूम्रपान के शिकार

— सार्वजनिक स्थानों पर प्रभाव


उदयपुर . ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे 2016-17 के अनुसार प्रदेश में ही 24.7 फीसदी वयस्क आबादी किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करती है, जिसमें 39.6 फीसदी पुरुष और 9 फीसदी महिलाएं हैं। इसके अलावा 10.6 फीसदी वयस्क धूम्रपान के आदी हैं। 14.1 फीसदी वयस्क आबादी धूम्र रहित तम्बाकू उत्पादों का सेवन करती है, जिसमें 22 फीसदी पुरुष और 5.8 फीसदी महिलाएं है।

यह जानकारी वागधारा संस्था के प्रतिनिधियों ने एक कार्यक्रम में सार्वजनिक की। सचिव जयेश जोशी के अनुसार सर्वे में पाया कि 18.6 वर्ष की आयु में व्यक्ति तम्बाकू के प्रतिदिन सेवन का आदी हो जाता है। 25.2 फीसदी लोग सार्वजनिक स्थानों पर परोक्ष रूप से धूम्रपान के शिकार हो जाते हैं। वागधारा संस्था तम्बाकू उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगवाने में प्रयासरत है।

राजनीतिक दल करे पहल
वाग्धारा संस्था के सचिव जयेश जोशी ने कहा कि राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे चुनाव से पहले वादों में तम्बाकू निषेध को भी शामिल करे और चुनाव के बाद सरकार इसे कड़ाई से लागू करे।

प्रदेश में इसकी जरुरत
— राजस्थान सरकार राज्य में ई-सिगरेट और सम्बंधित उत्पादों पर प्रतिबन्ध लगाए।
— सार्वजनिक स्थल, शिक्षण संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे धूम्रपान मुक्त हो।
— शिक्षण संस्थान से 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पाद बिक्री रोकने की कड़ाई से पालन हो।
— बिना लाइसेंस के तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर लगी रोक की अनुपालना हो।
— लाइसेंसिंग पद्धति को प्रभावशाली बनाया जाए।
— धूम्रपान रहित सार्वजनिक स्थलों का विस्तारीकरण किया जाए।
बिक्री केंद्रों पर विज्ञापन की रोक।
— उत्पाद पर 85 प्रतिशत हिस्से में सचित्र चेतवानी का पालन हो।

Updated on:
03 Nov 2018 09:09 pm
Published on:
03 Nov 2018 12:08 pm