
उदयपुर . बड़ी स्थित नारायण सेवा संस्थान के तैंतीसवें (Handicap) दिव्यांग एवं निर्धन (Samuhik vivah)सामूहिक विवाह समारोह में रविवार को अग्नि की साक्षी में 51 जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामा। इससे पूर्व बैंडबाजों पर थिरकते बारातियों के साथ घोड़ी पर आए दूल्हों ने तोरण की रस्म अदा की। बाद विवाह स्थल पर बने वरमाला की रस्म हुई, जिसमें पांच जोड़ों ने हाइड्रोलिक स्टेज पर वरमाला पहनाई। शेष ने स्टेज पर ही वरमाला की रस्म अदा की। इन जोड़ों में कोई दूल्हा दिव्यांग था, तो कोई दुल्हन, वहीं कुछ जोड़ों में दोनों ही दिव्यांग थे मगर सबका उत्साह देखते ही बन रहा था। वरमाला के दौरान कोई दूल्हा कृत्रिम उपकरणों की मदद से वरमाला थामे आगे बढ़ा तो कोई जमीन पर हाथों व पैरों की मदद से। कुछ ने व्हील चेयर पर वरमाला की रस्म अदा की। नारायण सेवा संस्थान के संस्थापक कैलाश मानव, सह संस्थापिका कमलादेवी अग्रवाल, अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, निदेशक वंदना अग्रवाल एवं शहर के प्रबुद्धजनों ने जोड़ों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद 51 वेदियों पर मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से(Samuhik vivah) विवाह की रस्मों को पूर्ण किया गया। पाणिग्रहण संस्कार में कई जोड़ों को धर्म माता-पिता ने कन्यादान किया। वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान करने अहमदाबाद, गाजियाबाद, जोधपुर, इंदौर, आगरा, नागपुर, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पूना, राजकोट, देहरादून, पटना सहित देश के कई राज्यों व शहरों से संस्थान के सहयोगी एवं अतिथि मौजूद थे।विदाई की वेला में भर आई आंखेंशादी के बाद दिव्यांग बहनों की विदाई की वेला में मौजूद सभी लोगों की आंखों से आंसू छलक गए। दूल्हनों को डोली में बिठाकर परिजनों व मित्रों के साथ ही धर्म माता-पिता ने बेटियों को विदा किया। सभी जोड़ों को गृहस्थी का सामान उपहार में दिया गया।