अब एसडीएम ने दिए फर्म के खिलाफ कार्रवाई-वसूली के निर्देश, विकास अधिकारी बोले- पालिका को किया हैंडओवर, पालिकाध्यक्ष ने नकारा
धरियावद. नगर पालिका क्षेत्र में लाखों रुपए की लागत से लगे 67 कैमरे फिलहाल बंद पड़े हैं। इनकी यह हालत पिछले डेढ़ साल से है। पालिका प्रशासन इसको लेकर सुध लेने को तैयार तक नहीं है। कैमरे लगाने वाली फर्म भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही, वहीं पालिका ने भी ठेकेदार पर दबाव नहीं बनाया। इससे कस्बे में कोई वारदात होने पर पुलिस को मदद नहीं मिल पाती है। पुलिस को नगर के व्यापारियों की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मदद लेनी पड़ती है। पंचायत समिति के विकास अधिकारी सुनील कुमार का कहना है कि हमने नगर पालिका को हैंडओवर कर दिए हैं, जबकि पालिकाध्यक्ष इस बात को नकार रहे हैं। जबकि एसडीएम ने ईओ को भेजे लेटर से स्पष्ट हो रहा है कि इसका जिम्मा नगर पालिका के पास ही है। वहीं क्षेत्रवासियों में बंद कैमरों को लेकर आक्रोश है, जल्द इन्हें सही करवाने की मांग की है।
मामले में पालिका की उदासीनता देखने को मिली है। इसका खुलासा उपखंड अधिकारी की ओर से पालिका को भेजे लेटर से होता है। बताया कि पूर्व में कलक्टर प्रतापगढ़ ने जन सुनवाई के दौरान संबंधित फर्म से कैमरे सही करवाने को लेकर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद भी सत्यापन तक नहीं हो पाया है। एसडीओ के लिखे पत्र में इसका भी जिक्र है कि पालिका ने फर्म को अब तक नोटिस भी नहीं दिया। उपखंड अधिकारी ने पालिका ईओ को भेजे पत्र में पालिका संबंधित फर्म पर वारंटी समय से पूर्व ही धरोहर राशि का भुगतान करने की भी बात कही।
मामले में उपखंड अधिकारी धरियावद ने पालिका ईओ को फिर से पत्र लिखा है। जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगाने वाली फर्म के विरुद्ध कार्रवाई कर वसूली करने तथा सात दिन में की कार्रवाई की रिपोर्ट के आदेश दिए हैं।
नगर के पुराना बस स्टैंड, उदयपुर सलूंबर रोड, निचला बाजार, होली चौक, कबूतर खाना, दाता मंदिर मार्ग, रावला बाग बस स्टैंड, प्रतापगढ़ मार्ग, होली चौक, रावला आदि जगहों पर कैमरे लगाए गए थे। जिसका कंट्रोल रूम थाने में बनाया गया था। जो वर्तमान में बंद है। बंद कैमरे को लेकर धरियावदसीएलजी बैठक में सदस्यों ने भी मुद्दा उठाया था। उपखंड अधिकारी ने भी अपने स्तर पर संबंधित एजेंसी ठेकेदार एवं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को भी पत्र लिखकर सख्त निर्देश दिए थे।