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उदयपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन-2026 के विरोध में विप्र सेना ने बुधवार को उदयपुर में प्रदर्शन करते हुए जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। विप्र सेना ने भारत सरकार से इस अधिसूचना को तत्काल वापस लेने अथवा इसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।
इस दौरान कार्यकर्ता ही आपस में भिड़ गए। विवाद की शुरुआत जनता सेना से जुड़े पंकज सुखवाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने से हुई। इस पर वहां मौजूद भाजपा नेता अर्चना शर्मा ने इन नारों पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे गरिमा के विरुद्ध बताया। अन्य पदाधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। शर्मा का कहना था कि विरोध नीतिगत मुद्दों और नियमों पर होना चाहिए, न कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी पर।
संगठन का कहना है कि यह नियम 15 जनवरी 2026 से देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू कर दिया गया है, जो छात्रों व शिक्षण व्यवस्था के लिए असंतुलित और पक्षपातपूर्ण है। विप्र सेना के संरक्षक मांगीलाल जोशी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम मेनारिया ने कहा कि संगठन किसी भी प्रकार के शोषण के पक्ष में नहीं है, लेकिन झूठी शिकायतों पर भी दंड का प्रावधान होना चाहिए।
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प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री गोविंद दीक्षित ने बताया कि विरोध प्रदर्शन पांच चरणों में किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री गिरीश दवे, जिला अध्यक्ष अंबालाल नागदा, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप श्रीमाली, यशवंत पालीवाल, संभाग महामंत्री परमानंद नागदा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
Updated on:
29 Jan 2026 02:48 pm
Published on:
28 Jan 2026 09:30 pm

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