उदयपुर में 8वें वेतन आयोग के नाम पर साइबर ठगी का अलर्ट जारी हुआ है। ठग व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर वेतन बढ़ोतरी की गणना का लालच दे रहे हैं। फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक कर बैंक डिटेल्स और ओटीपी चुरा लिए जाते हैं। गृह मंत्रालय ने सतर्क रहने और 1930 पर शिकायत की अपील की है।
उदयपुर: 7वां वेतन आयोग लागू हुए दस साल होने से 8वें वेतन आयोग की सुर्खियां कई महीनों से चल रही हैं। केंद्र सरकार ने अभी 8वें वेतन आयोग की औपचारिक अधिसूचना भी जारी नहीं की। इससे पहले ही कर्मचारी और पेंशनर्स में उत्सुकता का माहौल है।
इसी बात का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। कहीं आपके साथ भी ठगी न हो जाए, इसकी जागरूकता के लिए कर्मचारी और पेंशनर अपने स्तर पर जानकारी भी साझा कर रहे हैं।
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8वें वेतन आयोग के बहाने सरकारी कर्मचारियों को ठगने का साइबर जाल सामने आ रहा है। ठग व्हाट्सएप संदेश भेजकर संशोधित वेतन की गणना कराने का लालच दे रहे हैं। ठगों की ओर से एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहा जा रहा है। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल का कंट्रोल बदमाशों के हाथ में पहुंच जाता है।
बैंकिंग जानकारी चुराकर मिनटों में ही खाता साफ हो जाता है। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने साइबर दोस्त पहल के जरिए अलर्ट जारी किया है। कहा है कि 8वें वेतन आयोग के नाम पर चल रहा व्हाट्सएप एपीके स्कैम गंभीर खतरा है। जागरूकता, सावधानी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा ही इस डिजिटल जाल से बचाव का सबसे सही उपाय है।
कर्मचारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वेतन वृद्धि का मैसेज पाकर एपीके इंस्टॉल किया। कुछ मिनट में खाते से 48 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। बाद में पता चला कि ओटीपी स्वत: पढ़कर ठगों ने लेन-देन कर दिया। शिकायत 1930 पर दर्ज कराई है।
पेंशनर केसी शर्मा ने बताया कि पेंशन एरियर का लालच दिया गया। लिंक खोला तो मोबाइल हैंग होने लगा। अगले दिन खाते से 22 हजार रुपए गायब हो गए। परिवार ने साइबर सेल से संपर्क किया, लेकिन पूरी राशि रिकवर नहीं हो पाई है।
सरकारी कर्मचारियों को सावधान रहना चाहिए। साथ ही पुलिस की साइबर टीम को समय समय पर कर्मचारियों से वार्ता करके जागरुकता की जानकारी देनी चाहिए। कर्मचारियों से अपील है कि आधिकारिक सूचना अधिकृत वेबसाइट से ही देखें और किसी भी एपीके लिंक पर भरोसा न करें।
-शेर सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ
सेवानिवृत्त कर्मचारी तकनीकी रूप से कम अपडेटेड होते हैं। इसलिए वे आसानी से निशाना बनते हैं। पेंशन एरियर और वेतन संशोधन के नाम पर ठगी बढ़ी है। हम सभी पेंशनरों से आग्रह करते हैं कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले परिवार या जानकार से सलाह लें और 1930 पर तुरंत शिकायत करें।
-भंवर सेठ, अध्यक्ष, पेंशनर समाज, उदयपुर