
उदयपुर. गंदगी का आलम, जगह-जगह कचरे से अटा स्थान और स्कूल की सीमा में परिसर में बनी झुग्गी झोपडि़यां। मानो जैसे झोपड़ पट्टी का कोई इलाका हो। कुछ ऐसा ही नजारा शहर से सटे बड़गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय का था। यहां आलम ऐसा नजर आया कि मानो बच्चे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो। जब जिला कलक्टर सोमवार को इस विद्यालय के बाहर पहुंचे तो इस स्कूल के बारे में जानकारी हासिल कर वे दंग रह गए। दरअसल कलक्टर पोसवाल यहां महात्मा गांधी स्कूल में इंदिरा गांधी स्मार्ट फोन का वितरण करने आए थे। जैसे ही वे राजकीय प्राथमिक विद्यालय के आगे पहुंचे तो यहां लोगों ने इस विद्यालय के हाल बया कर विद्यालय के बारे में अवगत कराया। सरपंच संजय शर्मा और पंचायत समिति भुवनेश व्यास ने कलक्टर को बताया कि स्कूल सीमा में अनाधिकृत रूप से झोपड़े बनाकर लोग यहां निवासरत हैं। यहां पर बच्चों को पढ़ाई के अनुकूल वातावरण नहीं मिल रहा है।
आए दिन जलाया जाता कबाड़
सरपंच ने कलक्टर को बताया कि यहां पर आए दिन कबाड़ जलाया जाता है। इस कारण यहां का वातावरण भी दूषित हो रहा है। ऐसे में स्कूल के बच्चे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश के समय तो स्थित बेहद नाजुक हो जाती है।
नाली पर बना दिए झोंपड़े
ग्रामीणों ने कलक्टर को बताया कि यहां नगर निगम की बनाई नाली पर कब्जे करझोपड़े बना दिए गए हैं। इस कारण यहां की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस कारण यहां का रोड़ भी संकड़ी हो गई है। जबकि येरोड प्रताप गौरव केंद्र को जोड़ने वाली प्रमुख रोड है। इसके अलावा बड़गांव उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय, बड़गांव पुलिस थाना और मनोहरपुरा को भी ये रोड जोड़ती है।