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उदयपुर : मासूम की मौत के बाद जागे जिम्मेदार, अब शुरू की खुले बेसमेंट की जांच

उदयपुर के आशीर्वाद नगर में खुले बेसमेंट में डूबने से सात वर्षीय बालक की मौत के बाद नगर निगम ने शहर और आसपास के निर्माणाधीन बेसमेंट की जांच शुरू कर दी है। जांच में कुछ बेसमेंट यूडीए और कुछ नगर निगम क्षेत्र में मिले हैं, जहां सुरक्षा मानकों, खुले प्रवेश मार्गों और पानी भरे बेसमेंट की स्थिति की पड़ताल की जा रही है।
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open basement

निगम की जांच में मिला पानी से भरा खुला बैसमेंट।

उदयपुर.रूपसागर क्षेत्र के आशीर्वाद नगर में खुले बेसमेंट में भरे पानी में डूबने से सात साल के बालक की मौत के बाद अब जिम्मेदारों की नींद खुली है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर शहर और आसपास के क्षेत्रों में निर्माणाधीन बेसमेंट की जांच शुरू कर दी गई है।

खाखरड़ाझाड़ोल का निवासी रतन मीणा परिवार के साथ आर्शीवाद नगर क्षेत्र में मजदूरी कर आजीविका चला रहा था। इसी दौरान सात वर्षीय बेटा तेजा खाली भूखंड के परिसर में चला गया। वहां बेसमेंट में पानी भरा था, जिसमें डूब गया था। हादसे को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 'सावधान! शहर में कई जगह हैं मौत के कुएं' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद निगम के राजस्व अधिकारी राहुल मीणा ने निर्माणाधीन बेसमेंट का जायजा लिया। जांच में कई बेसमेंट यूडीए और कुछ नगर निगम के क्षेत्राधिकार में पाए गए। अब संबंधित भूखंडों पर सुरक्षा मानकों, खुले प्रवेश मार्गों और पानी भरे बेसमेंट की स्थिति की पड़ताल की जा रही है। यह हादसा केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि निर्माण स्थलों और खुले बेसमेंट की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है। शुक्रवार को सुखेर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

काश! पहले होती सुरक्षा मानकों की जांच

घटना के बाद निगम की ओर से संबंधित भूखंड मालिकों को सुरक्षा मानकों की पालना करने, खुले बेसमेंट को सुरक्षित करने और संभावित खतरों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह जांच और निगरानी पहले होती तो क्या बालक की जान बचाई जा सकती थी?

शहरभर में है जांच की सख्त जरुरत

मासूम की मौत के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने जिम्मेदार विभागों की नियमित मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच केवल खानापूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि शहर में पानी से भरे सभी खुले बेसमेंट की पहचान कर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, तभी तेजा की मौत के बाद शुरू हुई कार्रवाई का उद्देश्य पूरा होगा।

जांच में निगम और यूडीए दोनों के क्षेत्र

नगर निगम के आरई राहुल मीणा की जांच में शहर के आसपास कई निर्माणाधीन बेसमेंट सामने आए हैं। इनमें कुछ यूडीए और कुछ नगर निगम के क्षेत्राधिकार में हैं। ऐसे में क्षेत्राधिकार तय करने के साथ विभागों के बीच समन्वय जरूरी है, ताकि जिम्मेदारी के फेर में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं हो।