
विद्युत निगम का सेक्टर-4 स्थित कार्यालय, जहां समाधान के लिए इंतजार करते लोग (पत्रिका फोटो)
Udaipur Electricity Bill Issue: उदयपुर शहर के गायरियावास संतोष नगर क्षेत्र में बिजली निगम की लापरवाही और एक अजीबोगरीब बहानेबाजी का मामला सामने आया है। क्षेत्र की एक गली के निवासी पिछले दो महीनों से बिजली बिल का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब बिल आया तो उनके होश उड़ गए। मीटर रीडर की लापरवाही के कारण दो महीने का भारी-भरकम बिल एक साथ जारी कर दिया गया, जिससे उपभोक्ता आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
संतोष नगर गली नंबर-5 निवासी हितेश सोनी के अनुसार, करीब एक महीने पहले पूरे क्षेत्र में बिजली बिल बंट चुके थे, लेकिन उनकी गली में बिल नहीं पहुंचे। जब स्थानीय निवासियों ने निगम कार्यालय में संपर्क किया तो कर्मचारियों ने जल्द बिल मिलने का आश्वासन दिया। एक महीना बीत जाने के बाद भी जब बिल नहीं आए, तो परेशान उपभोक्ता सेक्टर-4 स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम के कार्यालय पहुंचे।
वहां जब निवासियों ने मीटर रीडर से देरी का कारण पूछा, तो उसने बेतुका जवाब देते हुए कहा कि गली में कुत्ते बहुत हैं, इसलिए वह मीटर रीडिंग लेने नहीं आ सकता। जब उपभोक्ताओं ने इस समस्या का समाधान पूछा, तो रीडर ने गैर-जिम्मेदाराना सुझाव दिया कि सभी लोग अपने घरों के मीटर उखाड़कर गली के बाहर लगवा लें। इस जवाब से आक्रोशित निवासियों ने निगम की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया।
कार्यालय में कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को कम्प्यूटराइज्ड बिल तो निकाल कर दे दिए, लेकिन दो महीने का बिल एक साथ आने से राशि काफी अधिक हो गई। इसके अलावा, बिल पेंडिंग दर्शाने के कारण उस पर पेनल्टी (विलंब शुल्क) भी लगा दी गई। पेनल्टी हटाने को लेकर निगम अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
आपसी बातचीत में सामने आया कि क्षेत्र के लगभग 30 परिवार इस लापरवाही का शिकार हुए हैं। अब इन सभी परिवारों को बिना उनकी किसी गलती के दो महीने का बिल और पेनल्टी एक साथ भरनी पड़ रही है। प्रभावित निवासियों ने निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि बिल में लगाई गई पेनल्टी तुरंत माफ की जाए और काम में लापरवाही बरतने वाले मीटर रीडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
Updated on:
20 Aug 2026 10:13 am
Published on:
20 Aug 2026 10:13 am
