उदयपुर . अनुपम खेर ने सबका आह्वान किया कि वे सपनों को साकार करने के लिए सतत कड़ी मेहनत करते रहें।
उदयपुर. ‘मैं स्वयं के अनुभवों से प्रेरित हूं और आज भी जड़ों से जुड़ा रहते मैं शिमला का बिट्टू ही बने रहना पसंद करता हूं।’ ये विचार सोमवार को पद्मभूषण प्राप्त अभिनेता अनुपम खेर ने हिन्दुस्तान जिंक के यशद भवन में आयोजित ‘एन इनसाइट’ कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने अपनी जिंदगी के अनुभवों को ऐसे प्रभावपूर्ण ढंग से साझा किया कि वहां मौजूद हर शख्स उनकी साफगोई और वाक्चातुर्य का मुरीद हो गया। खेर ने सबका आह्वान किया कि वे सपनों को साकार करने के लिए सतत कड़ी मेहनत करते रहें। यही सफलता का मूल मंत्र है।
बना लिया था मुंबई छोडऩे का मानस
फिल्म सारांश का एक किस्सा बताते अनुपम ने कहा कि निर्देशक महेश भट्ट द्वारा मुख्य किरदार वीवी प्रधान के लिए एक बार मुझे सलेक्ट करके रिजेक्ट करने पर एक बारगी वे इस कदर हताश हो गए कि मुंबई छोडऩे का मानस तक बना लिया। लेकिन, उनके पिता के पत्र की एक पंक्ति ‘भीगा हुआ आदमी बरसात से नहीं डरता’ ने मुझे इतने आत्मविश्वास से भर दिया कि अंतत: उस चुनौतिपूर्ण भूमिका को सफलतापूर्वक निभा गया।
बेबाकी से दिए जवाब
अनुपम ने सवालों के बेबाकी से जवाब भी दिए। आगामी फिल्मों के बारे में पूछे जाने पर वे बोले कि नई फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के किरदार के लिए खास मेहनत की है। इस मौके पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल, मुख्य वित्तीय अधिकारी अमिताभ गुप्ता, सीओओ पंकज कुमार सहित मुख्य वन संरक्षक इंद्रपाल सिंह मथारू, मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर, जिला वन संरक्षक हरिणी वी और खान एवं भूविज्ञान के अतिरिक्त निदेशक मधुसुदन पालीवाल के अलावा कई गणमान्य उपस्थित थे।