जीवनशैली रोगों की रोकथाम पर फोकस; ओपीडी भार भी हुआ कम उदयपुर. आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुरू किया गया ‘आरोग्य हेल्थ क्लिनिक’ अब सफल हेल्थकेयर मॉडल के रूप में उभर रहा है। अक्टूबर 2025 में शुरू हुई पहल से सिर्फ पांच महीनों में 2 हजार से ज्यादा मरीज लाभान्वित हो चुके। यहां मुख्य […]
जीवनशैली रोगों की रोकथाम पर फोकस; ओपीडी भार भी हुआ कम
उदयपुर. आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुरू किया गया ‘आरोग्य हेल्थ क्लिनिक’ अब सफल हेल्थकेयर मॉडल के रूप में उभर रहा है। अक्टूबर 2025 में शुरू हुई पहल से सिर्फ पांच महीनों में 2 हजार से ज्यादा मरीज लाभान्वित हो चुके। यहां मुख्य रूप से डायबिटीज, बीपी और मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की समय पर जांच और रोकथाम पर फोकस किया जा रहा है, जिससे मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही राहत मिल रही है।
आरोग्य हेल्थ क्लिनिक में मुख्य रूप से डायबिटीज, बीपी और मोटापे जैसी बीमारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। ये बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं। भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती हैं। क्लिनिक में इन रोगों की स्क्रीनिंग कर समय रहते नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। बिना किसी बड़े प्रचार-प्रसार के इस क्लिनिक में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
प्रशिक्षित टीम की सेवाओं से मजबूत हुआ मॉडल
इसकी शुरुआत और संचालन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर की पहल पर हुआ, जिसमें एचओडी डॉ. कीर्ति, सीनियर प्रोफेसर डॉ. अंजलि माथुर और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष जैन का विशेष सहयोग रहा। आरोग्य हेल्थ क्लिनिक में सीनियर रेजिडेंट डॉ. मृगांका ओझा के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ सूरजमुखी उपाध्याय, डाइटिशियन युक्ता चौधरी, एनएचएम से दीपमाला बसेर और ऑपरेटर अंजुम अली सेवाएं दे रहे हैं।
समग्र परामर्श की व्यवस्था
यहां दवा के साथ लाइफस्टाइल मैनेजमेंट पर जोर दिया जा रहा है । क्लिनिक में एक डॉक्टर, एक डायटीशियन और काउंसलर की टीम मिलकर मरीज को परामर्श देती है। मरीजों को डाइट प्लान, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सुझाव दिए जाते हैं, जिससे वे जीवनशैली में सुधार कर सकें।
शुरुआती स्तर पर रोकथाम का प्रयास
विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली रोगों को जड़ से खत्म करने का सबसे कारगर तरीका है, उनकी समय पर पहचान और रोकथाम। आरोग्य हेल्थ क्लिनिक इसी सिद्धांत पर काम कर रहा है। ऐसे मरीज सामने आए हैं जिनमें बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान हो गई, जिससे आगे की जटिलताओं को रोका जा सका।
मेडिकल कॉलेज में अनोखी पहल
आमतौर पर मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स में गंभीर बीमारियों के इलाज पर ही ध्यान दिया जाता है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज ने इस सोच को बदलते हुए रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की है। यह एक ऐसा मॉडल है, जो उपचार और रोकथाम दोनों को समान महत्व देता है।
ओपीडी भार कम करने में मदद
इस पहल का फायदा यह भी सामने आ रहा है कि सामान्य और शुरुआती मरीजों का प्रबंधन इस क्लिनिक में ही हो जाता है। इससे अस्पताल की ओपीडी पर दबाव कम होता है और विशेषज्ञ डॉक्टरों को गंभीर मामलों पर अधिक समय देने का अवसर मिलता है। यह स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।---
प्रदेशभर में लागू करने की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन का मानना है कि इस मॉडल को सिर्फ उदयपुर तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। यदि इसे पूरे राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में लागू किया जाए, तो जीवनशैली रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।नीतियों के अनुरूप पहलयह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के अनुरूप है, जिनमें प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर विशेष जोर दिया है। यह “हेल्दी इंडिया” के विजन को भी मजबूत करती है, जिसमें लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह मॉडल प्रदेशभर में लागू हुआ तो लाइफस्टाइल रोगों पर बड़ा असर पड़ सकता है ।---
जागरूकता अभियान की तैयारी
आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब इस क्लिनिक के लिए व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित जांच के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे समय रहते बीमारियों की पहचान करवा सकें और स्वस्थ जीवन जी सकें।
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आरोग्य हेल्थ क्लिनिक का उद्देश्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि उन्हें शुरुआती स्तर पर पहचान कर रोकथाम को बढ़ावा देना है। पिछले पांच महीनों में जिस तरह से मरीजों का भरोसा बढ़ा है, वह इस मॉडल की सफलता का प्रमाण है।
डॉ. विपिन माथुर, अधीक्षक, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल